पीलीभीत

Pilibhit News: मोबाइल ने बढ़ाई सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्या

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पीलीभीत। मोबाइल व कंप्यूटर के अधिक इस्तेमाल से लोगों में सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्या बढ़ रही है। सर्दी में यह समस्या और बढ़ गई है। इन दिनों इस रोग से पीड़ित रोजाना 10-15 मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, इस बीमारी में रीढ़ कमजोर हो जाती है और दर्द बना रहता है। दवा के साथ फिजियोथैरेपी कराने से मरीज को काफी लाभ मिलता है।

आधुनिक युग में लोगों का खान-पान तो बदला ही है, साथ ही उनकी दिनचर्या भी बदल गई है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। आधुनिक युग में लोगों ने समय के साथ शारीरिक परिश्रम करना कम कर दिया है। ऑफिस में लैपटॉप और मोबाइल के ज्यादा प्रयोग करने या गर्दन उठाकर टीवी देखने से रीड़ में दर्द की समस्या होने लगी है।

मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि कई बार गलत पोजीशन में सोने की वजह से भी सर्वाइकल का दर्द शुरू हो जाता हैं। गर्मी में यह समस्या कुछ कम रहती है तो वहीं मरीजों की संख्या भी 5-6 के आसपास रहती है। इन दिनों मेडिकल कॉलेज में रोजाना 10 से 15 मरीज गर्दन और रीड़ के दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं।

सर्वाइकल के लक्षण

डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि अगर किसी को सर्वाइकल होता है तो गर्दन में जकड़न और दर्द शुरू हो जाता है। सिर दर्द, हाथ पैर में झनझनाहट, गर्दन घुमाते समय आवाज आना, हाथ, बाजू और उंगलियों में कमजोरी आदि लक्षण हैं।

इस वजह से होता है सर्वाइकल का दर्द

गलत पोजीशन में सोना, गर्दन झुकाकर लगातार घंटों बैठे रहना, देर तक गर्दन झुकाए रखना, सोते समय ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करना, एक्सीडेंट, खेल गतिविधी, लड़ाई-झगड़े में लगी चोट, तनाव में रहना है

सर्वाइकल से बचना है तो यह करे बचाव

मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि पढ़ाई के दौरान बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेने चाहिए। लेटकर मोबाइल का इस्तेमाल न करें। ज्यादा देर तक गर्दन न झुकाए। कंप्यूटर पर एक साथ घंटों न बैठें, बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। नियमित योगाभ्यास करना, कंप्यूटर पर काम करते समय पीठ और गर्दन को सीधी रखना। फिर भी अगर समस्या हो तो डॉक्टर को दिखाना।


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