Pilibhit News: अड़चनें हुईं दूर, अब बुजुर्गों के लिए बनेगा जीरियाटिक वार्ड
पीलीभीत। बुजुर्गों को अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए शासन ने सभी जिलों के जिला अस्पतालों में जीरियाटिक वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे लेकिन यहां के जिला अस्पताल में यह वार्ड इसलिए नहीं बन पाया क्योंकि मेडिकल कॉलेज का पेंच फंस गया। जिम्मेदारों की ओर से अब अड़चनें दूर होने का दावा करते हुए बताया गया कि जल्द जीरियाटिक वार्ड बनेगा।
जीरियाटिक वार्ड में 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के रोगियों को भर्ती किया जाता है। इस वार्ड में गर्मी के दौरान एसी व ठंड में रूम हीटर समेत बेहतर बेड की सुविधा होती है। जिससे बुजुर्गों को ज्यादा तकलीफ न उठानी पड़े। इसके अलावा बुजुर्गों की देखरेख के लिए भी कर्मचारी रहते हैं। इसमें किसी भी बीमारी से ग्रसित बुजुर्ग को भर्ती किया जा सकता है।
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले सीएमओ ने निर्देश दिए थे कि जीरियाटिक वार्ड बनाया जाए। उस दौरान कर्मचारियों की कमी आड़े आई थी। फिर चिकित्सालय के भवन को चिकित्सा शिक्षा को सौंपे जाने संबंधी पत्र आया इसलिए जीरियाटिक वार्ड के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं हो सका। ऐसे में बुजुर्गों को अन्य वार्डों में ही भर्ती किया जाता रहा। अब जल्द जीरियाटिक वार्ड बनाया जाएगा।
आयु का सत्यापन अनिवार्य
जीरियाटिक वार्ड में एक साथ 10-15 बुजुर्गों को भर्ती किया जा सकता है। इससे पहले उनकी आयु का सत्यापन आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता है। पुष्टि होने पर ही रोगी को आकस्मिक विभाग से जीरियाटिक वार्ड भेजा जाएगा।
आकस्मिक विभाग में महीनेवार भर्ती बुजुर्ग
जनवरी- 45
फरवरी- 54
मार्च – 36
अप्रैल – 58
मई – 67
मिलता है बेहतर माहौल
बुजुर्गों को जीरियाटिक वार्ड में बेहतर माहौल मिलता है। चिकित्सकों को इस वार्ड में भर्ती बुजुर्गों को समय-समय पर खास ख्याल रखने के निर्देश जारी किए गए थे। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और मेडिकल कॉलेज अटैच की अधूरी प्रक्रिया के चलते इस पर जिला अस्पताल प्रशासन काम नहीं कर सका।
वर्जन
एक अप्रैल से जिला अस्पताल के भवन को चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया। अब अड़चन दूर हो गई। ऐसे में जल्द यहां पर जीरियाटिक वार्ड की सुविधा मिलेगी। – डॉ आलोक कुमार सीएमओ