Pilibhit News: पीटीआर में चार साल में बढ़ गए 25 हजार से ज्यादा हिरन

जंगल में विचरण करता हिरन का झुंड।
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघ ही नहीं बल्कि हिरनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। चार साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो हिरन प्रजाति के जीवों की संख्या 7586 से बढ़कर 33232 हो गई है। विचरण करते हिरनों को झुंड जंगल की सुंदरता को चार चांद लगा रहे हैं। अधिक संख्या के चलते शिकारी भी सक्रिय हो रहे हैं। हिरन के शिकार की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। जंगल में हिरनों की सुरक्षा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
बेहतर ग्रासलैंड के साथ ही पानी की पर्याप्त उपलब्धता के चलते पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल वन्यजीवों के लिए मुफीद है। सीमित संसाधन होने के बावजूद वर्ष 2014 के बाद से बाघ, तेंदुआ समेत जंगल में पाए जाने वाले हर वन्यजीव की संख्या बढ़ी है। तीन साल की गणना के बाद बाघ की संख्या 44 से बढ़कर 65 होने से पीटीआर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। पीटीआर में चार साल की वन्यजीव गणना के वर्ष 2022 में मिले नतीजे शानदार रहे हैं।
यहां हिरनों की संख्या में तो चार गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। हिरनों ने जंगल की रौनक बढ़ा दी है। पर्यटन सत्र के दौरान वन्यजीवों के दीदार की आस लेकर आने वाले सैलानियों का हिरनों के झुंड मन मोह लेते हैं। इसके साथ ही जंगल मार्गों के दोनों किनारों पर विचरण करते हिरनों के झुंड का अद्भुत नजारा दिखाई देता है। शाम होते ही जंगल के बीहड़ क्षेत्र से निकलकर हिरन जंगल मार्गों के दोनों ओर देखे जा रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा भी बढ़ गया है।
000
सामने आते रहे हैं हिरन के शिकार के मामले
केस एक
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हिरन के शिकार की घटनाएं सामने आती रही हैं। दिसंबर 2019 में बराही रेंज में शारदा नदी पार एसएसबी और वनकर्मियों की संयुक्त टीम ने गश्त के दौरान धरपकड़ की थी। शिकारी तो हाथ नहीं आे थे, लेकिन मौके से हिरन के पांच सींग बरामद हुए थे। मामले में अज्ञात शिकारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
000
केस दो
वर्ष 2017 में महोफ वन क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर शारदा मुख्य नहर के मलासी पुल के निकट वनकर्मियों ने दो शिकारियों को पकड़ा था। दोनों के पास से टीम ने हिरन के दो जोड़ी सींग बरामद किए। पकड़े गए शिकारी माधोटांडा क्षेत्र के थे। जिन्हें जेल भेजा गया था।
00
केस तीन
जनवरी 2023 माह में बराही रेंज के शारदा नदी के पार जंगल में शिकार को पहुंचे तीन शिकारियों को वनकर्मियों ने एसएसबी की टीम के साथ मिलकर पकड़ लिया, जबकि कई शिकारी भागने में सफल रहे। मौके पर 14 जाल, एक कुल्हाड़ी और 17 डंडे बरामद हुए। पूछताछ में शिकारियों ने हिरन का शिकार करने के लिए जंगल में घुसने की बात कही थी।
000
प्रजाति वर्ष 2019 वर्ष 2022
पाड़ा 882 2000
चौसिंहा 10 110
सांभर 231 649
बारह सिंहा 845 1431
काकड़ 342 785
चीतल 5276 28257
000
वर्जन
पीटीआर में हिरन प्रजाति की संख्या में बेहतर इजाफा हुआ है। सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। वनकर्मियों को निर्देशित किया गया है। – नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर