Pilibhit News: तहसील का पुराना जर्जर भवन दे रहा हादसे को दावत

पूरनपुर में पुराने जर्जर तहसील भवन का निरीक्षण करते एसडीएम साथ मौजूद वकील।
पूरनपुर। तहसील का पुराना भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। अक्सर प्लास्टर छूटकर गिरता है। जर्जर भवन की छत पर झाड़ियां उग आईं हैं। बरसात में भवन के धराशायी होने की आशंका बढ़ गई है। वकील कई बार ज्ञापन देकर भवन ध्वस्त कराने की मांग कर चुके हैं। अफसर भी भवन को ध्वस्त कराने के लिए राजस्व परिषद को दो बार पत्र लिख चुके हैं। बुधवार को वकीलों की मांग पर एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला और तहसीलदार ध्रुवनारायण यादव ने जर्जर भवन का निरीक्षण किया।
तहसील का पुराना भवन वर्ष 1978 में बना था। करीब साढ़े चार साल पहले नया भवन बनने पर पुराने भवन को खाली कर दिया गया। पुराना भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की छतों से अक्सर प्लास्टर छूटकर गिरता है। इससे लोग उसके आसपास से गुजरने से भी डरते है। तहसील के पुराने भवन के पास ही वकीलों के चैंबर है। उन पर वादकारियों की भीड़ रहती है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
लोग भवन के दरवाजे, खिड़कियां भी निकाल ले गए है। कंडम भवन की छत पर झाड़ियां उग आई हैं। हादसे की आशंका पर कई बार वकील डीएम, एसडीएम को ज्ञापन दे चुके है, लेकिन भवन को ध्वस्त नहीं किया जा रहा है। तहसीलदार ध्रुवनारायण यादव ने बताया कि भवन को ध्वस्त कराने के लिए डीएम के माध्यम से दो बार राजस्व परिषद को पत्र भेजा जा चुका है। बोर्ड से स्वीकृत मिलने के बाद ही भवन ध्वस्त हो सकता है। शीघ्र ही फिर राजस्व परिषद को पत्र भेजा जाएगा। निरीक्षण के समय प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना, रजनीश सक्सेना, राहुल सक्सेना, नईम खां आदि वकील थे।
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जर्जर पुराने तहसील भवन को ध्वस्त कराने से पहले इसका मूल्यांकन पीडब्ल्यूडी से कराया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा गया है। मूल्यांकन के बाद भवन को ध्वस्त कराने के लिए राजस्व परिषद को पत्र भेजा जाएगा। – राजेश कुमार शुक्ला, एसडीएम

