Pilibhit News: संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से न मिलने देने पर धरने पर बैठे ग्रामीण

तहसील गेट पर धरने पर बैठे ग्रामीणो से बातचीत करते नायब तहसीलदार व एसओ । संवाद
कलीनगर। संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम-एसपी के आने की सूचना पर सेल्हा गांव के लोग पहुंच गए। वे बाघ के हमले में बच्ची की मौत होने के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम न होने की शिकायत करने थे, लेकिन उन्हें डीएम से नहीं मिलने दिया गया। इससे नाराज ग्रामीण तहसील गेट पर ही धरने पर बैठ गए। डीएम के जाने के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को तार फेंसिंग कराने का आश्वासन देकर शांत कराया।
तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। इसकी जानकारी होते ही सेल्हा गांव के दर्जनों महिला-पुरुष तहसील पहुंच गए। हिंसक वन्यजीवों के आबादी में आकर लगातार हमले करने के बाद भी ठोस कदम न उठाने को लेकर ग्रामीणों ने डीएम से मिलने की मांग रखी, लेकिन अधिकारियों ने ग्रामीणों को डीएम से नहीं मिलने दिया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और तहसील गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। नायब तहसीलदार अक्षय यादव ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की, लेकिन ग्रामीण डीएम से मिलने की मांग करते रहे। कहा, बाघ ने गांव में आकर बच्ची को मार दिया। आए दिन घटनाएं हो रही हैं। अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। डीएम ग्रामीणों से बगैर मिले ही चले गए। डीएम और एसपी के जाने के बाद एसडीएम आशुतोष गुप्ता और डीएफओ संजीव कुमार ने ग्रामीणों से बात कर तार फेंसिंग कराने का आश्वासन दिया।
21 शिकायतों का हुआ निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 26 शिकायतें आईं। इनमें से 21 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिकायतों के निस्तारण के बाद आख्या को पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ धर्मेंद्र चौहान, एसडीएम आशुतोष गुप्ता, सीएमओ डॉ. आलोक कुमार समेत अधिकारी मौजूद रहे।