Rampur News: घटते जल स्तर से सूखे 30 प्रतिशत पौधे,
रामपुर। शासन-प्रशासन पर्यावरण संरक्षण के लिए समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाता है। पृथ्वी को हरा भरा रखने के लिए नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण की अपील की जाती है, लेकिन देखरेख के अभाव में ज्यादातर पौधे सूख जाते हैं। जनपद की बात की जाए तो साल 2022 में यहां 26.70 लाख पौधे लगाए गए थे, लेकिन पानी न मिलने और देखरेख के अभाव में आठ लाख से ज्यादा पौधे सूख गए। हालांकि वन विभाग के अधिकारी पानी के घटते जलस्तर को इसका जिम्मेदार बता रहे हैं।
रामपुर में लगातार तालाब, कुएं और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की वजह से नदियों का जल स्तर काफी अधिक घटता जा रहा है। इसका सीधा असर पर्यावरण को हरा भरा रखने वाले पेड़ पौधों और खेती पर पड़ा है। मौजूदा समय की स्थिति यह है कि इस समय 30 प्रतिशत पौधे सूख चुके हैं। घटते जल स्तर का फर्क पड़ा है और जो 70 प्रतिशत पौधे हैं वह अभी हरे-भरे हैं। पिछली बार जनपद में पौधे रोपने का लक्ष्य अगर देखे तो 26 लाख 70 लाख था, जिसमें से 26 लाख 56 हजार पौधे रोपे गए थे, लेकिन जबकि 30 प्रतिशत पौधे देखरेख और पानी के अभाव में सूखते चले गए। जनपद में करीब 28 विभागों के जरिए हर साल पौधरोपण किया जाता है, लेकिन पर्यावरण संतुलन बिगड़ने पर जल स्तर घटने लगा और इससे पौधे सूखते चले गए।
किसी कोसी का जल स्तर पांच फीट रह गया है जबकि भाखड़ा में 250 और डकरा में 150 फीट पानी घटकर रह गया है। जिस वजह से जनपद की 95 नहरें भी सूख गई हैं। यहां पर खेती के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।