Rampur News: छह साल में 63 मेलों में 6744 हाथ को मिला काम
रामपुर। बेरोजगारो को रोजगार मेले के जरिए रोजगार देने की मुहिम में पिछले छह साल में 63 मेलों के जरिये 6744 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया, जिसमें रोजगार पाने में महिला अभयर्थियों की संख्या न के बराबर है। यहां पर छह साल में महज 452 महिलाओं को ही रोजगार मिल सका। रोजगार मेले के प्रति महिला अभ्यार्थियों की दिलचस्पी कम ही है। इसकी वजह यह है कि मेलों में निजी कंपनियां आती जरूर हैं, लेकिन महिलाओं की रुचि के मुताबिक न तो उनके पास पद होते हैं और न ही काम के मुताबिक वेतन। लिहाजा महिलाओं को इनसे निराशा ही हाथ आती है।
सरकार का जोर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिलाने का है। इसके लिए केंद्र सरकार और सीधे यूपी सरकार की ओर से रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। रोजगार मेलों में भीड़ तो रहती है,लेकिन इन मेलों में रोजगार के लिए अच्छे मौके बेरजोगारों के हाथों नहीं आ पाते।
सेवा योजन विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले 2017 से लेकर अब तक करीब छह साल में विभाग की ओर से 63 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया,जिसमें 6744 युवाओ को रोजगार दिलाने का दावा किया गया है,जिसमें रोजगार पाने वाली महिलाओं की संख्या महज 452 ही है। रोजगार मेलों के प्रति महिलाओं के रुझान से लेकर उनको रोजगार न मिल पाने की प्रमुख वजह यह है कि जो कंपनियां रोजगार मेले में आती हैं। उनके पास या तो सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी होती है या फिर फील्ड वर्क की है। फील्ड वर्क में भी महिलाओं को उनकी पसंद का वेतन भी नहीं मिल पाता है और ज्यादातर नौकरी का क्षेत्र दूसरे जिलों में भी होता है।
पुरुष बेरोजगार-12454
महिला बेरोजगार-3940
दिव्यांग-112
सिक्योरिटी गार्ड से लेकर फील्ड के काम में ही मिल पाती नौकरी
रोजगार मेलो में सिक्योरिटी गार्ड से लेकर फील्ड वर्क से जुड़े पदों पर ही भर्ती की जाती है जो कि बेरोजगारों को नहीं रिझा पाती। अच्छे पदों पर के लिए कंपनियां मेले मे न आकर इन्हीं पदों पर ज्यादा भर्ती करती हैं।
-सेवायोजन विभाग की ओर से रोजगार मेलों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन मेलों में अब तक 6744 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया है। अब तक छह साल में 63 रोजगार मेले लगाए जा चुके हैं। कंपनियों से लगातार संपर्क किया जाता है। कंपनियां जरूरत के मुताबिक प्रतिभाग करती हैं।
निशात अंसारी, प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी।