Rampur News: आकाशवाणी रामपुर से गूंजते थे आजादी के तराने
रामपुर। आजादी के जश्न में रामपुर आकाशवाणी भी शुरू से ही बढ़चढ़कर हिस्सा लेता रहा है। राष्ट्रीय पर्वों पर आकाशवाणी रामपुर केंद्र से सबसे ज्यादा डिमांड आजादी के तरानों की होती थी। रेडियो पर अपना नाम सुनने के लिए श्रोता काफी उत्साहित रहते थे। किसी का नाम यदि उद्घोषक ले लिया करते थे तो वह खुशी से उछल पड़ता था। राष्ट्रीय पर्वों पर आजादी के तरानों की गूंज खूब सुनाई देती थी। देश आजाद होने के बाद वर्ष 1965 में रामपुर में आकाशवाणी रामपुर की शुरुआत हुई। पहले पनवड़िया स्थित ट्रांसमीटर के जरिये कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। उस वक्त ज्यादातर कार्यक्रमों का प्रसारण आकाशवाणी लखनऊ से हुआ करता था। देश आजाद होने के मौके पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता था। वर्ष 1975 में आकाशवाणी का स्टूडियो बन गया और फिर रामपुर के अपने अलग कार्यक्रम प्रसारित होने लगे।
राष्ट्रीय पर्वों पर सबसे ज्यादा उस वक्त आजादी के तरानों की गूंज सुनाई देती थी। आकाशवाणी में सालों तक सेवा देते रहे रिटायर्ड कार्यक्रम अधिकारी राम स्वरूप गंगवार बताते हैं कि उस वक्त लोगों के पास गाने आदि सुनने के खुद के संसाधन नहीं थी। रेडियो ही एक बड़ा माध्यम था। ऐसे में देशभक्ति के नगमों की खूब डिमांड हुआ करती थी। लोग हजारों पत्र लिखकर आकाशवाणी को भेजा करते थे और अपनी पसंद का देशभक्ति गीत सुना करते थे। इसके अलावा कृषि जगत दूसरा पसंदीदा कार्यक्रम हुआ करता था। अब समय के साथ सब कुछ बदल गया है।
बरेली और मुरादाबाद क्षेत्र तक के कार्यक्रमों का होता था प्रसारण
आकाशवाणी रामपुर से सेवानिवृत्त कार्यक्रम अधिकारी राम स्वरूप गंगवार बताते हैं कि आकाशवाणी का क्षेत्र बरेली, पीलीभीत, बदायूं व मुरादाबाद तक था। यहां राष्ट्रीय पर्वों पर होने वाले कार्यक्रमों की रिकार्डिंग की जाती थी और फिर उसे आकाशवाणी रामपुर के जरिये सुनाया जाता था।