Rampur News: एआरओ ने कहा था, मुकदमा लिखवाओ नहीं तो सस्पेंड कर दूंगा
रामपुर। आजम खां के खिलाफ नफरती भाषण का मुकदमा एडीओ (सहकारिता) अनिल कुमार चौहान ने शहजादनगर थाने दर्ज कराया था। मुकदमे का वादी होने के नाते कोर्ट में उन्होंने अपने बयान भी दर्ज कराए थे। आजम खां के अधिवक्ताओं ने जब उनसे सवाल किए तो उन्होंने कहा था कि एआरओ (एसडीएम) के सस्पेंड करने की चेतावनी पर मैने आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि तहरीर लिखवाने एसडीएम (एआरओ) मेरे साथ थाने गए थे। शहजादनगर थाने में दो-तीन घंटे रुके थे। एसडीएम के आदेश के एक घंटे बाद आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। एसडीएम ने मुझसे कहा था कि मुकदमा लिखवाओ नहीं तो चुनाव आयोग मुझे सस्पेंड करेगा और मै तुम्हे सस्पेंड कर दूंगा। उस वक्त रामपुर के डीएम और आरओ आंजनेय कुमार सिंह थे।
उन्होंने यह भी कहा है कि यह बात मेरी जानकारी में नहीं है कि आजम खां और तत्कालीन डीएम आन्जनेय कुमार सिंह के बीच कोई विवाद चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि यह कहना गलत है कि मैंने तत्कालीन डीएम के कहने पर आजम खां के खिलाफ मुकदमा लिखवाया था। क्योंकि आजम खां ने डीएम की चुनाव आयोग में शिकायत की थी। चौहान ने अपने बयान में यह भी कहा है कि यह कहना गलत है कि मैं कमिश्नर मुरादाबाद (आंजनेय कुमार सिंह) और पुलिस -प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव में झूठा बयान दे रहा हूं।
आजम के बरी होने पर भी सुर्खियों में रहा था चौहान का बयान
रामपुर। आजम खां के खिलाफ नफरती भाषण देने के आरोप में मिलक कोतवाली में भी 2019 में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे के वादी भी अनिल कुमार चौहान थे। लोअर कोर्ट ने इस मुकदमे में 27 अक्तूबर 2022 को आजम खां को तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आजम खां की विधायकी चली गई थी। आजम खां ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की थी। सेशन कोर्ट ने आजम खां को 24 मई को बरी कर दिया था। आजम खां के बरी होने के बाद चौहान का यह बयान सुर्खियों में आया था कि मैने यह मुकदमा डीएम के कहने पर दर्ज कराया था। संवाद