Rampur News: छत पर चढ़ा बालक करंट से झुलसा, एक घंटा बालू में दबाए रहे परिजन
रामपुर। शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी राजाराम का बेटा प्रभात (13) घर की छत पर खेल रहा था। तभी घर के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर मौके पर परिजन पहुंचे और उसे उठाकर एक घंटे तक बालू में दबाए रहे। बाद में सूचना एसडीएम सुनील कुमार को दी गई।
एसडीएम ने नायब तहसीलदार अरविंद शर्मा के साथ एंबुलेंस को मौके पर भेजा। बाद में परिजनों द्वारा किशोर को लेकर शाहबाद सीएचसी पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। किशोरी की हालत गंभीर बनी हुई है। करंट लगने से उसके शरीर पर कई जगह जख्म हो गए।
करंट लगे तो क्या करें
अगर किसी को करंट लगे तो उसे सीधे छूने की गलती न करें। लकड़ी या रबर की चीज से उसे बिजली से अलग करें। बिजली के झटके बेहद गंभीर होते हैं, जिसका दिमाग के नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है। शरीर का जो हिस्सा बिजली के सीधे संपर्क में आता है, उसके बेकार होने की आशंका अधिक हो जाती है। करंट लगने पर पीड़ित के प्रभावित अंग पर साफ पट्टी लपेटें मगर उसे कुछ खाने को न दें। तुरंत नजदीक के अस्पताल में ले जाएं।
करंट लगने पर व्यक्ति को रेत के नीचे दबाने की भ्रांति गांवों में फैली हुई है, जबकि इससे देर के सिवाय कुछ नहीं होता है। अगर किसी को करंट लग जाए तो उसे इस अवस्था में लिटाएं कि पैर ऊंचाई पर हो और सिर नीचे रहे। देर किए बिना अस्पताल लेकर पहुंचे। ईसीजी, सीटी स्कैन आदि जांचों से व्यक्ति के शरीर में करंट से प्रभावित अंग के नुकसान का पता चलता है और तुरंत इलाज शुरू करके मरीज को बचाया जा सकता है।
इन बातों का रखें ख्याल
-नंगे पैर बिजली तार न छुएं और न ही स्विच खोलें।
-भीगे हाथ से तार अथवा स्विच बोर्ड न छुएं।
-जिस बिजली के पोल के पास पानी भरा हो वहां न जाएं। वहां न जाएं।
-अगर करंट फैला है तो मेन स्विच बंद करें और प्लग को बाहर निकाल दें।