Rampur News: कच्चा बांध कटते ही पानी की तेज धार ने बढ़ाया नाले का आकार
बिलासपुर। खजुरिया क्षेत्र के सीमांत जिला बरेली के बॉर्डर स्थित बैगुल नदी पर कारसेवा से बांधे गए कच्चे बांध को नहर विभाग द्वारा काटकर पानी की धार बैगुल नदी में छोड़ देने से नदी किनारे के किसान काफी खुश हैं। पानी की धार ने काटे गए नाली की चौड़ाई, लंबाई और गहराई को और बढ़ा दिया है। अनहोनी की आशंका से किसानों ने बांध की रखवाली भी तेज कर दी है।
खजुरिया थाना क्षेत्र के सीमांत बरेली जिले के गांव खमरिया स्थित बैगुल नदी पर पूर्व विधायक जयदीप सिंह बरार ने किसान कल्याण समिति के तत्वावधान में एक कच्चा बांध बनाया था, जिसमें भारी मात्रा में नदी का पानी संग्रह हो गया था। बारिश के दिनों में बांध में एकत्र पानी बांध को काटकर कहीं क्षेत्रवासियों को नुकसान न पहुंचा दे। इस गरज से बृहस्पतिवार को जिला बरेली के नहर विभाग के अधिकारियों ने पूर्व विधायक की मौजूदगी में कच्चे बांध को जेसीबी के जरिए एक नाला काटकर बांध के पानी को बैगुल नदी में छोड़ने की कार्रवाई की थी। पूर्व विधायक के अनुसार अधिकारियों ने जेसीबी के जरिए एक मीटर चौड़ा, चार मीटर लंबा और करीब तीन मीटर गहरा नाला खोदा था। ताकि कच्चे बांध का पानी आसानी के साथ धीरे- धीरे बैगुल नदी में चला जाए। किसानों ने उन्हें बताया कि पानी की तेज रफ्तार ने नहर विभाग द्वारा काटे गए नाले की चौड़ाई एक मीटर के बजाय करीब 20 मीटर कर दी है। इसी तरह लंबाई भी चार मीटर से बढ़ाकर करीब 15 मीटर कर दी तथा गहराई तीन मीटर से बढ़ाकर करीब 25 मीटर कर दी है। उन्होंने बताया कि बांध में स्टोर किया हुआ पानी तेजी के साथ नदी में जा रहा है, ऐसे में स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कच्चे बांध के समीप बहने वाली धौंरी नदी में पानी जाना बंद हो गया है, जिसके कारण धौंरी नदी से जुड़े किसानों को अपनी फसल की सिंचाई करने की चिंता सताने लगी है। वहीं, बैगुल नदी किनारे के बसे गांव के लोगों का कहना है कि नदी में पानी अब तेजी से आने लगा है जिसके कारण वह अब अपनी फसलों की सिंचाई आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव अधिक होने की वजह से जिला बरेली के किसानों को सिंचाई करने में अब बेहद आसानी हो जाएगी। वहीं, किसान नेता बलवीर सिंह गंगवार ने बताया कि धौंरी नदी में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर वह शीघ्र ही उप जिलाधिकारी से मिलेंगे, ताकि धौंरी नदी से जुड़े किसान भी अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें।