Rampur News: अगस्त में मॉडल गांवों की हकीकत जांचने आएगी केंद्र की टीम
रामपुर। गांवों में स्वच्छता संबंधी कार्यों की हकीकत को परखने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम अगस्त महीने में रामपुर पहुंचेगी। टीम यहां आकर चयनित 15 ग्रामों का सत्यापन करके अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
स्वच्छ भारत मिशन फेस दो के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल गांव घोषित किए जाने हैं, जिसके तहत सबसे पहले ब्लॉक स्तर से 15-15 गांव जिला मुख्यालय पर मांगे गए। इनमें से 15 गांवों का चयन जिला स्तर पर किया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों के किए गए सत्यापन के आधार पर जिले से 15 मॉडल ग्राम पंचायतों को प्रदेश को अग्रसारित किया गया। हाल में राज्य स्तर से एक टीम ने यहां आकर इन मॉडल गांवों का निरीक्षण किया था। हापुड़ जिले से आई टीम में स्वच्छ भारत मिशन की जिला सहायक प्रीति काला और जिला सलाहकर मुनीब पांच कंसलटिंग इंजीनियर्स शामिल थे। उन्होंने गांवों में आरआर सेंटर, कूड़ा प्रबंधन, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, सार्वजनिक शौचालय आदि सुविधाओं का सत्यापन किया।
ग्राम पंचायत सींगनखेड़ा में आरआर सेंटर में वर्मी कंपोस्ट से बनाई जा रही जैविक खाद को देखकर टीम ने प्रशंसा जताई व माॅडल गांवों में इसे अच्छी प्रगति बताया। इसके बाद टीम यहां से वापस लौट गई। अब अगस्त महीने में केंद्र की एक टीम इन 15 मॉडल गांवों का निरीक्षण करेगी और फिर इनकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इनमें से किसी एक ग्राम पंचायत को उत्कृष्ट कार्य करने पर राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिल सकता है। इसके लिए पंचायती राज विभाग में अधिकारी-कर्मचारी मेहनत से जुटे हुए हैं।
ओडीएफ में शामिल हुए हैं 505 गांव
इस वर्ष 377 ग्राम पंचायतों के 505 गांवों को ओडीएफ प्लस में शामिल किया गया है। इसके लिए शासन ने 89 गांवों के लिए सात करोड़ की धनराशि भी जारी कर दी है। अगले वर्ष 2024 में मार्च तक इन गांवों में स्वच्छता संबंधी कार्यों को पूरा कराकर गांव ओडीएफ प्लस घोषित करना है। इससे पहले वर्ष 2022-23 में 36 ग्राम पंचायतों के 42 गांवों को ओडीएफ प्लस कर दिया गया है।
– गांवों में स्वच्छता संबंधी सभी कार्यों को समय रहते पूरा कराया जा रहा है। जिससे टीम को किसी भी ग्राम पंचायत में कमी न मिले। मॉडल गांवों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिलाने के लिए पंचायती राज विभाग पूरे प्रयास में है। इसलिए विभाग के सभी कर्मी मेहनत से जुटे हैं।