Rampur News: बंदरों के आतंक से शहरवासी परेशान
रामपुर। रामपुर में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों से निकलकर बंदरों ने शहरी इलाकों को अब अपना बसेरा बना लिया है। शहर में बंदरों की संख्या बढ़ने और उनके हमलावर होने से लोग परेशान हैं। बंदरों के हमले से अब तक कई लोगों की जान चुकी है। शहर में रहमत अली की मौत से पहले शाहबाद में ही तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हो चुके हैं।शहर में लोगों की छतों पर बंदरों के झुंड घूमते दिखाई दे रहे हैं। ये बंदर आए दिन लोगों पर हमला कर देते हैं या दौड़ा लेते हैं। बंदरों के हमले से अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके अलावा बंदरों के आतंक के चलते लोग छतों पर कपड़े या कोई अन्य सामान भी नहीं सुखा पाते हैं। बंदर कपड़े फाड़ देते हैं या उठा ले जाते हैं।
वहीं शाहबाद क्षेत्र में में खूंखार बंदरों के हमले में एक साल में तीन की मौत हो चुकी है। शाहबाद क्षेत्र के ढकिया गांव निवासी मोनिका (32) पर बंदर हमलावर हो गए थे। हमले के दौरान महिला की छत से नीचे गिरकर मौत हो गई थी। अलफगंज गांव निवासी महिला सईदन (60) पर बंदरों का झुंड हमलावर हो गया था। बंदरों के हमले में महिला दूसरी मंजिल से नीचे आ गिरी थी। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई थी।
वहीं मधुकर गांव निवासी डेढ़ वर्षीय स्वाति छत पर खेल रही थी। बंदरों के हमले में स्वाति छत से नीचे खड़े ट्रैक्टर पर आ गिरी थी। उसकी भी मौत हो गई थी। बरखेड़ा गांव निवासी गर्भवती पिंकी, महुनागर निवासी राममूर्ति की बेटी, पैरामिलिट्री फोर्स के जवान अभय समेत दर्जनों लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। इनमें से कुछ लोग ठीक हुए हैं तो कुछ का अभी भी इलाज चल रहा है।