Rampur News: बाग काटकर अवैध प्लाॅटिंग करने वालों पर शिकंजा, जांच शुरू
रामपुर। हरे आम के पेड़ काटकर अनाधिकृत प्लाॅटिंग करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। शहर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत के बाद अब डीएम ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। शहर में नई काॅलोनियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। आम के हरे भरे पेड़ काटकर अवैध तरीके से अनाधिकृत प्लाॅटिंग की जा रही हैं। पनवड़िया, बढ़पुरा शर्की, दुर्गनगला, आगापुर, बेनजीर, घाटमपुर आदि क्षेत्रों में अवैध प्लाॅटिंग तेजी से हुई हैं। इसके साथ ही सरकारी जमीन, गूल, ग्रीन बेल्ट आदि की जमीनों पर भी अवैध कब्जे हुए हैं, जिस पर प्लाटिंग हुई है। जबकि, कई सारे बाग भी बिना अनुमति के काटे गए हैं। ऐसे में सरकार को करोड़ों रूपये के राजस्व की हानि हुई है। जिसको लेकर पनवड़िया और घाटमपुर के लोगों ने शहर विधायक से शिकायत की थी। जैसे ही यह प्रकरण शहर विधायक आकाश सक्सेना की जानकारी में आया, तो उन्होंने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ से शिकायत कर दी और जांच कराने व दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसका जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। अब जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अवैध प्लाटिंग, सरकारी जमीनों को कब्जाने और अवैध तरीके से बागों का कटान करने के मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है। पांच सदस्यीय इस जांच कमेटी में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व, उप जिलाधिकारी सदर, डीएफओ, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और रामपुर विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता शामिल हैं। कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
अब्दुल्ला के दोस्त की बढेंगी मुश्किलें
अवैध प्लाॅटिंग करने के मामले में सपा नेता आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम के दोस्त अनवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, सूत्र बताते हैं कि अनवार कई स्थानों पर प्लाटिंग कर रहे हैं। इकरार के साथ मिलकर चल रही इन प्लाॅटिंगों में जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न तो रामपुर विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराया जा रहा है और न ही प्लाॅटिंगों में मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर बागों को काटकर प्लाॅटिंग करने में इनकी भूमिका हो सकती है।
पर्यावरण पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
रामपुर। शहर विधायक आकाश सक्सेना का कहना है कि कुछ साल पहले ही शहर के चारों तरफ हरे भरे बाग थे। ग्रीन बेल्ट में पेड़ पौधों के होने की वजह से पर्यावरण बेहतर था, लेकिन लोगों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए इन बागों और हरे भरे पेड़ पौधों को काट दिया और मुनाफा कमाने के चक्कर में प्रकृति से खिलवाड़ किया। ऐसे में यह जांच के बाद सामने आएगा कि राजस्व अभिलेखों में कहां-कहां पेड़, बाग आदि दर्ज थे और उन्हें बाद में गलत तरीके से काटा गया।
-अनाधिकृत प्लाॅटिंग और बागों के अवैध कटान को लेकर शिकायत आई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है और आगामी कुछ दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
-हेम सिंह, अपर जिलाधिकारी