रामपुर

Rampur News: समय से पहले ही उठ जाते डॉक्टर, कैसे मिले मरीजों को इलाज

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रामपुर। जिला अस्पताल में कुछ डॉक्टर ओपीडी में समय से नहीं बैठते तो कुछ ओपीडी का समय पूरा होने से पहले ही उठकर चले जाते हैं। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीज और तीमारदारों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दोपहर एक बजे केवल दो डॉक्टर ही मरीजों को देखते हुए मिले। अन्य डॉक्टरों के कमरे खाली थे।

दोपहर में एक बजे जिला अस्पताल की ओपीडी में जनरल फिजीशियन डॉ. डीके वर्मा और डॉ. हैदर अपने कमरों में बैठकर मरीजों को देख रहे थे। बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजीशियन और मनोरोग के विशेषज्ञ के कमरे खाली पड़े थे। जनरल फिजीशिन डॉ. डीके वर्मा और डाॅ. हैदर ने 300 से अधिक मरीजों को देखा। इनके पास 180 बुखार के रोगी पहुंचे थे। शेष मरीजों को सिर दर्द, बदन दर्द, खांसी और पेट की समस्या थी।

सुबह में ओपीडी में डॉ. संजय अग्रवाल और डाॅ. ओपी राय ने भी दो सौ रोगी देखे, लेकिन ओपीडी का समय पूरा होने से पहले ही वह उठकर जा चुके थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेंद्र गजराज के पास 90 बीमार बच्चे पहुंचे। वहीं नेत्र रोग विभाग में 120 मरीजों ने डॉक्टर को दिखाया। जिला अस्पताल की ओपीडी में 925 पर्चे बने। पैथोलॉजी में 93 रोगियों की खून की जांच कराई गई।

इंसेट

20 से 25 लोगों को निकल रहा टायफाइड

जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हर रोज 90 से 100 लोगों की खून की जांच होती है। इनमें से 20 से 25 लोगों में टायफाइड की पुष्टि हो रही है। डॉक्टर रोगी की जांच कराने के बाद ही उसको दवा लिखकर दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में उतार-चढ़ाव और गलत खानपान लोगों के बीमार होने का कारण है।

10 से दो बजे तक है ओपीडी का समय

जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह आठ बजे से पर्चे बनने शुरू हो जाते हैं, जबकि डॉक्टरों का मरीजों को देखने का समय सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक का है। इसमें कई डॉक्टर शुरुआती घंटों में मरीज को देखने के बाद 12 बजे ही उठकर चले जाते हैं तो कई डॉक्टर देर से अपने कमरे में बैठते हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं।

बोले मरीज

32 किमी दूर से अपनी सास को दिखाने के लिए अस्पताल आया हूं। यहां पर एक घंटे से नंबर नहीं आया है। अस्पताल में डॉक्टर पर्याप्त हों तो परेशानी न हो।

– सुरजीत राजपूत, हरदासपुर

अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों को देखने के लिए चार डॉक्टरों की ड्यूटी थी। हो सकता है कि उस वक्त डॉक्टर किसी काम से उठकर चले गए हों। वैसे सभी डॉक्टरों को नियमित रूप से ड्यूटी करने के आदेश दिए हैं।

– डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल रामपुर।


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