Rampur News: अब सहकारी समितियों पर मिलेंगी जेनेरिक दवाएं
रामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन ने सहकारी समितियों पर जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। पहले चरण में जिले में आठ स्थानों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग ने आठ समितियों का चयन कर लिया है।
शासन की ओर से समितियों की आर्थिक दशा सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। ये समितियां अब खाद-बीज की बिक्री तक सीमित नहीं रहेंगी। इन पर जन औषधि केंद्र खोले जाने की तैयारी की जा रही है। शासन से निर्देश मिलने के बाद सहकारिता विभाग ने इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से जिले में आठ साधन सहकारी समितियों का चयन किया गया है। इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों के रोगियों को सस्ती दर पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दवाइयों को बेचकर होने वाले लाभांश से सहकारी समिति आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। सहायक आयुक्त एवं निबंधक डॉ. गणेश गुप्ता ने बताया कि जिले में आठ समितियाें पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इससे समितियों के साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिलेगा।
इंसेट
80 फीसदी तक सस्ती होती है जेनेरिक दवा
जेनेरिक दवा जिस सॉल्ट से बनती है, उसी नाम से जानी जाती है। जैसे बुखार में काम आने वाले पैरासीटामॉल सॉल्ट को कोई कंपनी इसी नाम से बेचे तो इसे जेनेरिक दवा ही कहेंगे। वहीं जब इसे किसी ब्रांड के नाम से बेचा जाता है तो उस कंपनी की ब्रांडेड दवा कहलाती है। ब्रांडेड के मुकाबले जेनेरिक दवा 80 फीसदी तक सस्ती होती है। जिले में 24 जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक दवा उपलब्ध है।
समितियों पर मिल रहीं ऑनलाइन सुविधाएं
जिले में 38 सहकारी समितियों पर जनसेवा केंद्र खोल दिए गए हैं। यहां पर लोगों को ऑनलाइन सुविधाएं मिल रही हैं। आय, जाति, मूल निवास आदि प्रमाण पत्र सहित सभी प्रकार के ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को शहरों को ओर नहीं भागना पड़ रहा है।
इन समितियों का किया चयन
अजीतपुर, भोट, बिलासपुर, दूंदावाला, दढ़ियाल, सैफनी, कपनेरी और लालपुर।
सहकारी समितियां अब खाद-बीज की बिक्री के लिए सीमित नहीं हैं। इनमें सुविधा बढ़ाकर लोगों को लाभ दिया जा रहा है। 38 समितियों पर जन सेवा केंद्रों का संचालन हो रहा है। आठ समितियों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे।
– डॉ. गणेश गुप्ता, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता रामपुर।