Rampur News: धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं भगवान
रामपुर।
नैमिषारण्य तीर्थ से पधारे आचार्य अवधेश द्विवेदी ने कहाकि भगवान सदैव धर्म की स्थापना, संतों की रक्षा और दुष्टों का संहार करने के लिए पृथ्वी पर आए। आचार्य द्विवेदी एकता विहार रामकथा प्रसार समिति द्वारा होली चौक में आयोजित श्री रामकथा सुना रहे थे।
उन्होंने कहा कि संत का वचन कभी खाली नहीं जाता, इसलिए संत का सदैव सम्मान करना चाहिए। भगवान ने राम के रूप में राजा दशरथ के यहां जन्म लिया। शिव जी ने मदारी का भेष बनाकर श्री राम के दर्शन किए। कथा व्यास ने श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। बताया कि श्री राम ने अल्प काल में ही गुरु से समस्त शिक्षाएं सीख लीं। गुरु विश्वामित्र के साथ जाकर ऋषियों के यज्ञ की रक्षा की और दुष्टों का संहार किया। साथ ही अहिल्या का उद्धार किया। बाद में विश्वामित्र जी उन्हें राजा जनक के धनुष यज्ञ में लेकर जाते हैं। इससे पहले पीके चावला व जगन्नाथ चावला ने दीप प्रज्वलित किया। मुख्य यजमान के रूप में राम गोपाल गुप्ता व विनोद शर्मा सपत्नी उपस्थित रहे। संगीता अग्रवाल ने व्यास जी व रामायण का पूजन किया। इस अवसर पर रामौतार रसिक, विष्णु अग्रवाल, दीनानाथ, नरेश शर्मा, विनोद गुप्ता, राधेश्याम यादव आदि रहे।