Rampur News: 1321 करोड़ की 57 नई इकाइयों को हरी झंडी
रामपुर। साल की शुरुआत में जिले में हुई इन्वेस्टर्स समिट में आए प्रस्ताव अब जमीन पर उतरने लगे हैं। समिट में आए प्रस्तावों में से लगभग 50 उद्योग शुरू हो चुके हैं। वहीं 1321 करोड़ रुपये की लागत से लगने वाली 57 नई इकाइयों को शासन से हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही इन उद्योगों की स्थापना की जाएगी। साथ ही 25 नई इकाइयों की शुरुआत कराने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। यूपी सरकार प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी के चलते सरकार ने 2023 की शुरुआत में ही प्रदेश के हर जिले में इनवेस्टर समिट का आयोजित किया था। इसके तहत रामपुर में उद्योग लगाने के लिए 738 से ज्यादा निवेशकों ने करीब 9000 करोड़ के एमओयू साइन किए थे। 738 एमओयू में से 519 एमओयू विनियर प्लांट से संबंधित हैं।
हालांकि, उद्योगों की स्थापना में जमीन का रोड़ा सामने आया, लेकिन डीएम ने योजना तैयार कर निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराई। इसके चलते इन्वेस्टर्स समिट में आए प्रस्तावों में से अब तक करीब 50 उद्योगों की स्थापना की जा चुकी है। शासन स्तर से अब जिले में 1321 करोड़ रुपये की लागत वाली 57 नई इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। जल्द ही इनके भूमि पूजन कराने की तैयारी की जा रही है। साथ ही शासन से 25 नई इकाइयों की मंजूरी का इंतजार है।
ये बड़ी इकाइयां हुईं मंजूर
स्वाति मैंथोल एलाइड एंंड कैंफर प्लांट, बिलासपुर के टेमरा गांव में 227 करोड़ की टेक्सटाइल्स स्पिनर फैक्ट्री, केमरी व टांडा में राइस मिल और मेंथा प्लांट।
भेजे गए प्रस्ताव
एक होटल और आवासीय काॅलोनी, सौ करोड़ का डेयरी डेवलपमेंट प्लांट, नेडा की ओर से कंप्रेस बायोगैस प्लांट, ककरौआ में हाईड्रोजन प्लांट समेत 25 प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।
विनियर प्लांट के लिए वन विभाग ने खोला पोर्टल
वन विभाग ने विनियर प्लांट को लाइसेंस देने के लिए सभी प्रक्रिया को पूरा करना शुरू कर दिया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक दस नवंबर से वन विभाग ने लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं। अब तक तमाम आवेदन आ चुके हैं। आवेदन के बाद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कई बड़े प्रस्तावों के लिए जमीन बनी रोड़ा
रामपुर के औद्योगिक विकास में जमीन का पेच अभी भी फंसा है। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में अच्छी लोकेशन पर बड़ी जमीन तलाशने के निर्देश दिए हैं। जमीन न मिलने से करोड़ों के प्रस्ताव फंसे हुए हैं। सात बड़े प्रोजेक्ट को लगाने के लिए बड़ी जमीन की तलाश है, लेकिन जमीन न मिलने से ये प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पा रहे हैँ। प्रशासन लगातार जमीन की तलाश में जुटा है।
इन्वेस्टर्स समिट में आए प्रस्तावों में से करीब 50 उद्योग शुरू हो चुके हैं। 57 उद्योगों को शासन से मंजूरी मिल गई है। ये अगले छह महीने में शुरू हो जाएंगे। निवेशकों को प्रशासन काफी सहयोग कर रहा है। जो उद्योगपति नया उद्योग लगाना चाहते है और उन्हें कोई समस्या आ रही है तो वे उद्योग केंद्र या आईआईए से संपर्क कर सकते है।
श्रीष गुप्ता, सचिव, आईआईए, रामपुर
– 57 प्रोजेक्ट को चालू कराने के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। इसके लिए जल्द ही भूमि पूजन कराया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही ये इकाइयां चालू हो जाएंगी।
सलमान मलिक, उद्यमी मित्र
सात बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन तलाश की जा रही है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद चल रही है। सभी एसडीएम व अन्य सरकारी माध्यमों से जमीन की तलाश के साथ अन्य औपचारिकताओं को पूरा कराया जा रहा है। जल्द ही प्रोजेक्ट जमीन पर उतरेंगे।
मुकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग