Rampur News: मुझे गर्व है भाई ने देश की रक्षा के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान
रामपुर। मातृभूमि की रक्षा के लिए कारगिल युद्ध में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले बिलासपुर के गांव नवाबगंज निवासी शहीद बलजीत सिंह का नाम सभी जनपदवासियों की जुबां पर रहता है। रक्षाबंधन के अवसर पर उनकी बहन बलविंदर कौर कहती हैं कि मेरे भाई ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण दे दिए, यह मेरे लिए गर्व की बात है। बलविंदर हर साल गांव पहुंचकर अपने शहीद भाई की प्रतिमा के राखी बांधती हैं। वे कहती हैं कि भाई की प्रतिमा को राखी बांधते हुए उन्हें बेहद गर्व महसूस होता है।कारगिल युद्ध में शहीद हुए बलजीत सिंह के दो बहनें हैं। उनकी एक बहन बलविंदर कौर पत्नी स्वर्गीय गुरप्रीत सिंह उत्तराखंड के काशीपुर के गांव चौखंडी में रहती हैं और दूसरी बहन सुरेंद्र कौर कनाडा में रहती हैं। बलविंदर हर साल रक्षाबंधन पर अपने गांव आती हैं। बलविंदर अपने दो भाई रणजीत सिंह व हरजीत सिंह के राखी बांधती हैं। साथ ही छोटे भाई कारगिल शहीद बलजीत सिंह की प्रतिमा को राखी बांधती हैं। बलविंदर दो दिन पहले ही गांव आ गई थीं। उनके गांव में रक्षाबंधन का त्योहार दो दिन पहले ही मनाया जाता है। बलविंदर ने अपने भाइयों के साथ शहीद भाई की प्रतिमा पर राखी बांधी। बलविंदन ने बताया कि मेरी बहन सुरेंद्र कौर फिलहाल कनाडा में रह रही हैं। इसलिए मैंने उसकी भी राखी अपने भाइयों को बांधी।
भाभी में भाई की छवि देखकर बांधती हैं राखी
बिलासपुर के ग्राम कनकपुर की गोटिया निवासी शीला देवी गंगवार पत्नी राजेंद्र गंगवार ने बताया कि ग्राम बैरमपुर निवासी उनके छोटे भाई राजीव कुमार गंगवार सेना में थे। राजीव वर्ष 2012 में अवकाश पर अपने घर आए थे और बरेली के फतेहगंज कस्बे के समीप उनकी सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। उनकी भाई हंसमुखी देवी बरेली में शिक्षामित्र हैं। वह अपनी इकलौती बेटी गुनगुन के साथ बरेली में ही रहती हैं। मैं हर साल रक्षाबंधन पर अपनी भाभी हंसमुखी देवी को राखी बांधती हूं। भाभी में मुझे भाई की छवि दिखती है।