Rampur News: आई फ्लू का बढ़ा खतरा, अस्पतालों में आंखों के मरीज बढ़े
रामपुर। जिले में आई फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में डॉक्टरों के पास आंखों की समस्या के मरीज बढ़ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में ही 100 से अधिक मरीज आंखों की समस्या के पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया आई फ्लू से पीड़ित लोगों को ठीक होने मेें सात से 10 दिन लग रहे हैं।
रामपुर जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंखों से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा पिछले एक सप्ताह से तेजी से बढ़ा रहा है। 10 जुलाई तक नेत्र रोग विभाग में 345 मरीजों ने पहुंचकर अपनी आंखों का चेकअप कराया था। इनमें से 120 मरीजों को डॉक्टर के परामर्श पर चश्मा बनवाया। शेष मरीज आंखों में आई ड्रॉप डालकर और दवा के सेवन से ठीक हो गए। वहीं 11 जुलाई से 25 जुलाई तक इन 15 दिनों में 900 से अधिक मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास अपनी आंखें दिखाने के लिए पहुंच चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार हर रोज औसतन 60 से 80 मरीज आंख में दर्द, भारीपन, खुजली, पानी और लालिमा की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से 40 से 50 मरीजों को आई फ्लू यानी कंजक्टिवाइटिस की शिकायत सामने आ रही है।
क्या हैं आई फ्लू
नेत्र रोग के विशेषज्ञ डॉ. शम्मी कपूर के अनुसार बारिश के बाद उमस से बिगड़े तापमान के मिजाज के कारण संक्रमण का खतरा पैदा हुआ है। जो शुरूआत में आंखों में चुभन और दर्द करता है। एक-दो दिन में व्यक्ति की अांखें लाल हो जाती हैं और आंखों से पानी आने लगता है।
-इन बातों का रखें ध्यान
आंखों को हाथ से न छुएं। अपनी निजी चीजों जैसे तौलिया, तकिया, रूमाल, आंखों के मेकअप आदि को किसी से साझा न करें। अपने रूमाल, तकिये के कवर, तौलिया को प्रतिदिन धोयें। बच्चों को स्कूल भेजने से पहले उन्हें चश्मा लगाकर दें। बचाव की सलाह दें।
-मरीज को ठीक होने में लग रहे सात से 10 दिन
आई फ्लू से पीड़ित मरीज को ठीक होने में सात से 10 दिन लग रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि मरीज नियमित रूप से आंखों में ड्रॉप डालकर बचाव कर रहा है तो वह एक सप्ताह में ठीक हो रहा है। हालांकि संक्रमण को देखते हुए आगे भी बचाव की सलाह दी जा रही है।
नेत्र रोग विभाग की ओपीडी के आंकड़े
दिन पहुंचे मरीज
25 जुलाई 110
24 जुलाई 96
22 जुलाई 88
21 जुलाई 76
20 जुलाई 72
बयान
आंखों में संक्रमण की शिकायत लगातार मरीजों में सामने आ रही है। जिला अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में दो विशेषज्ञ हैं। सभी को नियमित रूप से मरीजों को देखने को बोला है। अस्पताल में मरीजों को आई ड्रॉप और दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
-डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस जिला अस्पताल रामपुर।