Rampur News: बिजली कटौती से उद्योगों को लग रहा करोड़ों का झटका
रामपुर। उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए मंगलवार को जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक हुई। जिसमें मुख्य रूप से बिजली कटौती और ट्रिपिंग का मुद्दा छाया रहा। व्यापारियों ने निर्बाध 24 घंटे बिजली आपूर्ति दिलाने की मांग करते हुए कहा कि बिजली कटौती से मेंथा और प्लाईवुड उद्योग को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से बात करके समास्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
विकास भवन में हुई बैठक में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित न होने पर उद्यमियों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। उद्योगपतियों ने बताया कि रामपुर में मौजूदा समय में बिजली जाने से बड़े उद्योगों को काफी झटका लग रहा है। बिजली जाने से उत्पादों की खराबी के साथ जनरेटर पर तेल का खर्च भी बढ़ गया है। उद्योगों को महज 17-18 घंटे की बिजली आपूर्ति मिल पा रही है।
शिकायत सुनकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया। वहीं उद्योगों के लिए जमीन का भी मुद्दा उठा। जिसमें जिलाधिकारी ने स्वार और शाहबाद की जमीन पर नई इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन का एलाटमेंट कराने के लिए कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नंदकिशोर कलाल, उपायुक्त उद्योग मुकेश कुमार, सहायक आयुक्त उद्योग निहारिका जैन और सहायक आयुक्त उद्योग बलराज सहित उद्यमी बंधु मौजूद रहे।
विकास भवन में ही एमएसएमई दिवस पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। जिसमें लाभार्थियों को ऋण योजना के अंतर्गत चेक भी प्रदान किए गए। जिसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत कार्य के लिए अनुज सक्सेना को 10 लाख रुपये का चेक, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत मोहम्मद सलीम को रेडीमेड गारमेंट्स कार्य के लिए दो लाख और अदनान खान को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृति के बाद चेक दिया गया। उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की तरफ से अनम को जरी, पैच वर्क और बुटीक उद्योग के लिए 10 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा जरी एवं पैच वर्क के कार्य के लिए नजमा, बच्चन शाह, मोहसिन सिद्दीकी और रुबीना को 10-10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर चेक दिए गए। वहीं रहमत अली को सिलाई, कढ़ाई और बुटीक उद्योग के लिए 10 लाख रुपये, खुर्शीद को हैंडलूम वस्त्र उत्पादन के लिए दो लाख रुपए, मोहम्मद जकी सैफी को सेनेटरी पैड उत्पादन के लिए 25 लाख रुपये, और रेशमा परवीन को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति के बाद चेक दिया गया।