Rampur News: फातेहा पढ़ाने के बहाने किशोर को किया अगवा, दिल्ली में मिला
रामपुर। केमरी के मोहल्ला गौढ़ी निवासी शफीक अहमद का पुत्र अब्दुल्ला (13) रविवार सुबह करीब 10 बजे मोहल्ले से ही गायब हो गया। रविवार रात में वह दिल्ली में मिला। अब्दुल्ला ने बताया कि फातेहा पढ़ाने के बहाने उसका अपहरण कर लिया था। परिजन उसे लेने दिल्ली रवाना हो गए। केमरी के मोहल्ला गौढ़ी निवासी शफीक अहमद ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। उनका पुत्र अब्दुल्ला क्षेत्र के ही मदरसा दारुल उलूम जामिया रिजबिया में कुरान हिब्ज कर रहा है। बताया कि रविवार को करीब 10 बजे वह मोहल्ले में ही खेलने के लिए निकला था। रात तक जब नहीं लौटा तब वे पुलिस को सूचना देने जा रहे थे। तभी उनके बेटे का फोन आया और उसने बताया कि वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़ा है।
अब्दुल्ला ने अपने पिता को फोन पर बताया कि रविवार सुबह वह चौराहे पर खड़ा था। तभी एक बाइक सवार आया और कहा उसने नई कार खरीदी है, जिसकी फातेहा पढ़ानी है। इस पर वह उसके साथ चला गया। युवक ने अब्दुल्ला को कार में बैठाया, जिसमें पहले से ही कुछ लोग बैठे थे। इसके बाद जैसे ही कार चली एक आदमी ने उसके मुंह पर रुमाल रख दिया। इसके बाद जब उसे होश आया तब वह नई दिल्ली स्टेशन के पास जंगल में पड़ा था। उसके साथ एक और लड़का था, जो मुरादाबाद का रहने वाला है।
अब्दुल्ला ने बताया कि होश आने पर वह एक और लड़के के साथ नई दिल्ली स्टेशन आ गया। दोनों को रोता देखकर दिलीप नाम का एक व्यक्ति उनके पास आया। तब दोनों ने उसे पूरी बता बताई। इसके बाद दिलीप ने ही दोनों किशोरों के घर वालों को सूचना दी और उनकी बात भी कराई। इसके बाद दोनों को नई दिल्ली रेलवे पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया। बेटे के दिल्ली में होने की जानकारी होने पर शफीक दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
साथ ही शफीक ने दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अपने भांजे एजाज अहमद को फोन किया और अब्दुल्ला को चौकी से घर ले जाने को कहा। इसके बाद शफीक का भांजा चौकी पहुंचकर अब्दुल्ला को अपने साथ ले गया। शफीक ने बताया कि दूसरे किशोर के परिजन भी उसे अपने साथ ले गए थे। शफीक ने कहा कि उनका बेटे मिल गया है। इसलिए वह कोई कानूनी कार्रवाई करना नहीं चाहते हैं।