रामपुर

Rampur News: कूड़ा प्रबंधन की राह में जमीन का रोड़ा

Connect News 24

रामपुर। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतें ओडीएफ प्लस बनाई जा रही हैं। इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में कूड़ा प्रबंधन के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बनाए जाने हैं। जिसके लिए गांवों में जमीन नहीं मिल पा रही है। इस कारण सेंटर तैयार न होने की वजह से गांव में कूड़ा प्रबंधन नहीं हो पा रहा है और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले की 680 ग्राम पंचायत में से 46 ग्राम पंचायतें ओडीएफ प्लस बनाई गईं। चालू वित्तीय वर्ष में 378 ग्राम पंचायतों के 505 राजस्व गांव को भी ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल कर लिया गया। इन ग्राम पंचायतों में सड़क, पानी, बिजली, स्वच्छता समेत कई बिंदुओं पर कार्य कराए जा रहे हैं। स्वच्छता को लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में रिसोर्स रिकवरी सेंटर का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को 41 करोड़ की धनराशि भी आवंटित की जा चुकी है।

ग्राम पंचायत में जमीन के अभाव में सेंटर का निर्माण अटका पड़ा है। जिले में 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में जमीन का अभाव है। ऐसे में इन जगहों पर कूड़ा प्रबंधन के लिए काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इसके लिए पंचायती राज व राजस्व विभाग के अधिकारी जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार कर रहे हैं।

अब तक बन चुके 40 सेंटर

जिले में अब तक 40 ग्राम पंचायतों में आरआरसी का निर्माण कराया जा चुका है। ये ग्राम पंचायत पहले चरण में ओडीएफ प्लस घोषित हो चुकी हैं। ओडीएफ प्लस में शामिल हुईं नई ग्राम पंचायतों में किसी में सेंटर का निर्माण नहीं हुआ है।

क्या है रिसोर्स रिकवरी सेंटर

गांवों में कूड़ा कचरा निस्तारण के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनाए जाने हैं। गांव से निकलने वाले कूड़े को इकट्ठा कर ई-रिक्शा के माध्यम से इन सेंटरों पर पहुंचाया जाएगा। एक सेंटर के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत में 200 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता रहती है।

ये काम भी कराए जाएंगे

रिसोर्स रिकवरी सेंटर के अलावा गांव में सोकफिट, खाद के गड्ढे बनाए जाएंगे। कूड़ा गाड़ी खरीदी जाएगी। वर्मी कंपोस्ट, जैविक खाद बनाने समेत अन्य कार्य होंगे। कूड़े से जैविक खाद तैयार होगी।

जमीन पर असरदार लोगों का कब्जा

कुछ ग्राम पंचायतों में जमीन उपलब्ध है, लेकिन उन पर असरदार लोगों ने कब्जा जमा रखा है। किसी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है तो किसी ने विभागीय जिम्मेदारों से सांठगांठ कर रखी है। इस वजह से प्रधान व सचिव रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे सरकारी जमीनों का दुरुपयोग हो रहा है।

इस तरह से मिला है बजट

जिन राजस्व गांव की आबादी 5000 से नीचे है। वहां प्रति व्यक्ति 340 रुपये की धनराशि इस योजना के तहत भेजी गई है। वहीं 5000 से अधिक आबादी वाले राजस्व गांव में प्रति व्यक्ति 760 रुपये के हिसाब से बजट सीधे ग्राम पंचायत के खाते में भेज दिया गया है।

बोले जिम्मेदार

जिन ग्राम पंचायत में जमीन का अभाव है, वहां के संबंधित एसडीएम से संपर्क स्थापित कर जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। जैसे जगह मिलती जाएगी, आरआरसी का निर्माण होता जाएगा।

जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button