Rampur News: सर्दी में ठिठुर रही जिंदगी, ठंडे पड़े अलाव के दावे
रामपुर। रात में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। कड़ाके की सर्दी में रात में घरों से निकलने वाले लोग, रिक्शा चालक, बेघर मजदूर, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सड़कों के किनारे ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। नगर पालिका की ओर से शहर में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जो रैन बसेरे बनाए गए हैं, उनमें भी अव्यवस्थाएं हावी हैं। कहीं गद्दे और रजाई इतने गंदे हैं कि लोग वहां ठहरने में हिचक रहे हैं तो कहीं खुले में शामियाना तानकर रैन बसेरा बना दिया गया। ऐसे में लोग रैन बसेेरे में भी ठिठुरने को मजबूर हैं। शुक्रवार रात को अमर उजाला टीम ने जब पड़ताल की तो नगर पालिका के दावों की पोल खुल गई। शहर में चिह्नित किसी भी स्थान पर अलाव जलते नहीं मिले।
अलाव के लिए ये स्थान चिह्नित
रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, सिविल लाइन थाने के बाहर, जिला अस्पताल परिसर, कलक्ट्रेट गेट, शाहबाद गेट चौराहा, बिलासपुर गेट चौराहा, पहाड़ी गेट चौराहा, ज्वालानगर चौराहा, मालगोदाम तिराहा को अलावा जलाने के लिए चिह्नित किया गया है।
रात 10:20 बजे : नगर पालिका
नगर पालिका परिषद के गेट पर अस्थायी रैन बसेरे का बैनर टंगा हुआ था। पालिका के अंदर एक तरफ फव्वारा चल रहा था तो कुछ दूरी पर टीन शेड के नीचे एक तिरपाल लगा हुआ था। रैन बसेरे के अंदर हवा जा रही थी। अंदर रखे गद्दे और रजाई गंदे थे। यहां कोई भी व्यक्ति नहीं ठहरा था। यहां अलाव की कोई व्यवस्था नहीं थी।
रात 10:35 बजे : रोडवेज बस अड्डा
रोडवेज बस अड्डे पर परिसर के अंदर टेंट का शामियाना लगाकर रैन बसेरा बना दिया गया। ये परदे हवा भी नहीं रोक पा रहे थे। यहां गद्दे और रजाई पड़े थे, जिनमें कुछ यात्री ठहरे थे, लेकिन वो भी ठंड से कांप रहे थे। यहां भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं थी।
रात 11 बजे : मालगोदाम तिराहा
मालगोदाम तिराहे पर हर बार अलाव जलाया जाता है, लेकिन इस बार यहां अलाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया। चौराहे पर कुछ पुलिसकर्मी थे जो ठिठुरते दिखाई दिए। आसपास के फुटपाथ पर रहने वाले लोग चाय के होटल पर हाथ सेंकते नजर आए। आसपास कोई रैन बसेरा भी नहीं था।
रात 11:15 : रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन पर अभी तक रैन बसेरा नहीं बन सका है। स्टेशन के मेन गेट पर घुसते ही पूछताछ घर के पास एक बुजुर्ग कंबल में लिपटे जमीन पर सोते दिखाई दिए। कुछ दूरी पर जाने पर जगह-जगह लोग अपनी पॉलिथीन बिछाकर बैठे हुए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। यहां अलाव की व्यवस्था नहीं थी। स्टेशन के बाहर कुछ यात्री और ऑटो चालक आसपास से कागज और लकड़ियां इकट्ठा कर आग जला रहे थे।
रात 11:30 : सिविल लाइंस
सिविल लाइंस थाने के बाहर भी हर बार अलाव जलाया जाता है, लेकिन इस बार अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। आंबेडकर पार्क तक लोगों के पास हाथ तापने को व्यवस्था नहीं थी। यहां पर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी और ऑटो चालक ठंठ में ठिठुरते नजर आए। मूंगफली के एक ठेले पर तमाम लोग खड़े हाथ सेंक रहे थे।
सभी चिह्नित स्थानों पर लकड़ी पहुंचाकर जल्द ही अलाव जलवाए जाएंगे। रैन बसेरों में यदि कहीं कोई कमी है तो उसे भी ठीक कराया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को खुले में नहीं सोना पड़ेगा।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका रामपुर।