रामपुर

Rampur News: आरिफ हत्याकांड का एक आरोपी गिरफ्तार

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रामपुर। बिलासपुर कोतवाली के ग्राम सकटुआ निवासी आरिफ अंसारी (30) की हत्या में नामजद आरोपी फरजंद अली को पुलिस ने मंगलवार की शाम रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। दूसरा हत्यारोपी फरजंद का बेटा राजिम अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सकटुआ निवासी कैंटर चालक व गैंगस्टर आरिफ अंसारी की सोमवार की दोपहर ग्राम भैंसिया ज्वालापुर निवासी हाजी लियाकत अली के घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह दावत में शामिल होने आया था। मृतक के भाई नाजिम हुसैन ने ग्राम भैंसिया ज्वालापुर निवासी फरजंद अली व उनके पुत्र राजिम पर गोलियों से भूनकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

सीओ रवि खोखर ने बताया कि गिरफ्तारी को गठित की गई तीनों टीमों ने कई स्थानों पर दबिश दी थी। मंगलवार की शाम करीब पांच बजे मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन के इंतजार में खड़े फरजंद अली को कोतवाली प्रभारी नवाब सिंह ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है।

आरोपी बोला, पूरा हुआ इंतकाम

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी फरजंद ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि आरिफ माफिया था। उसने कुछ लोगों के साथ उसके पुत्र शाजिम की 18 दिसंबर 2021 को हत्या कर दी थी। तभी से वह बदला लेने की फिराक में था। फरजंद ने बताया कि जेल से छूटकर आने के बाद वह अक्सर उसके परिवार के सदस्यों को चिढ़ाता था, जिससे वह स्वयं को अपमानित भी महसूस कर रहे थे। सोमवार को लियाकत अली के घर में भी दावत के दौरान आरिफ उसके पुत्र को चिढ़ा रहा था। मौका पाते ही उसने अपना बदला ले लिया। सीओ ने कहा कि हत्यारोपी राजिम की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आरिफ को लगी थीं दो गोलियां

पुलिस क्षेत्राधिकारी रवि खोखर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आरिफ अंसारी की मौत गोली लगने की वजह से हुई थी। एक गोली आरिफ की कनपटी पर लगी थी, जबकि दूसरी गोली उसकी कोख में लगी थी। दो गोलियां लगने के बाद वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर गया था और कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गई थी।


हत्या के दूसरे दिन भी गांव में पसरा सन्नाटा

आरिफ अंसारी की हत्या के बाद दूसरे दिन मंगलवार को भी ग्राम सकटुआ, भैंसिया ज्वालापुर की गलियों में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। गांव की गलियों में रोजाना की तरह लोगों की चहलकदमी कम दिखाई दी।

पुलिस की निगरानी में हुआ आरिफ का दफन

आरिफ अंसारी का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे उसके गांव सकटुआ पहुंचा। तनाव की आशंका के मद्देनजर पुलिस की निगरानी में परिजनों ने गमगीन माहौल में गांव के ही कब्रिस्तान में आरिफ को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार अमूमन गांव के हर आम आदमी के दफन में ग्राम सकटुआ के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी शिरकत करते हैं, मगर आरिफ के दफन में काफी कम लोग पहुंचे।

बीमार हैं आरिफ के पिता

आरिफ अंसारी के पिता फिदा हुसैन क्षेत्र के एक पेपर मिल में कार चालक की नौकरी करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार फिदा हुसैन बीते 10 दिन से बेहद बीमार हालत में चल रहे हैं। पुत्र की हत्या के बाद भी वह कोतवाली नहीं पहुंचे थे, बल्कि आरिफ का भाई नाजिम हुसैन अपने चाचा आदि के साथ रिपोर्ट लिखाने को कोतवाली पहुंचा था।


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