Rampur News: या हुसैन की सदाओं के बीच निकाला ताजियों का जुलूस
रामपुर। दसवीं मोहर्रम यानी यौमे आशूरा पर शनिवार को इमामबाड़ा खासबाग में या हुसैन या हुसैन की सदाओं के बच जरीह-ए-अकदस उठाई गई। गमगीन धुनों पर अजादारों ने मातम किया और नौहाख्वानी की गई। जरीह-ए-अकदस के साथ अलम भी थे। ताजियों के जूलूस में अजादारों ने सीनाजनी भी की।जुलूस में पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां ऊर्फ नवेद मियां ने लेबनान से आया परचम थाम रखा था। इससे पूर्व इमामबाड़ा खासबाग में मजलिस हुई, जिसमें बयान-ए-कर्बला सुनकर अजादार रो पड़े। मौलाना असगर अहमद नकवी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि रसूल के नवासे इमाम हुसैन ने इंसानियत और भाईचारा कायम रखने के लिए जालिम यजीद की अपनी इमामत के समय उसकी कोई गलत बात नहीं मानी और न ही उसके सामने सिर झुकाया।
उन्होंने दुनियां को सच्चे और नेक रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। इस दौरान जरीह-ए-अकदस को सलामी पेश की गई। पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां और नवाबजादा हैदर अली खां ऊर्फ हमजा मियां ने जरीह-ए-अकदस को कांधा दिया। जुलूस इमामबाड़ा खासबाग से सीआरपीएफ होते हुए कर्बला पहुंचा। इस दौरान नवेद मियां ने इमामबाड़ा गुलजार ए रफत से भी जरीह-ए-अकदस का जुलूस निकलवाया।
ताजियों के जुलूस के साथ चली पुलिस फोर्स
भोट में ताजियेदारों के साथ चल रहे अजादार नारा-ए-तकवी, अल्लाह हो अकबर, अली का दामन नहीं छोड़ेंगे और या हुसैन या हुसैन के नारे लगा रहे थे। क्षेत्र के कस्बा भोट, मनकरा, नरखेड़ा, संकरा, मुड़िया, महेशपुरा, पीपलगांव, नवादा, केशरपुर, मिलक मिर्जा व मिलक बिचौला आदि गांवों में शनिवार को ताजियों का जुलूस निकाला गया। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों साथ बल मौजूद रहा।
वहीं टांडा में नगर तथा तहसील क्षेत्र में दसवीं मोहर्रम पर बड़ी संख्या में ताजियों के जुलूस निकाले गए। ताजियों के लिए पुलिस द्वारा भगतपुर तिराहे पर ही भारी वाहनों को रोक दिया गया। जुलूस के लिए वैकल्पिक यातायात की व्यवस्था की गई।
खजुरिया में मोहर्रम पर कर्बला पर आसपास के सभी गांवों के ताजिये एकत्रित हुए और लोगों ने कर्बला में लगे मेले में खरीदारी की। देर शाम तक कर्बला में ताजियों को दफन कर दिया गया। स्वार में उलमा और मस्जिदों के इमामों ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके पूरे खानदान ने सच्चाई और इंसाफ पर अमल करते हुए शहादत हासिल की। लोगों ने मोहर्रम की नौ और दस तारीख पर रोजे भी रखे। वहीं पटवाई क्षेत्र में सभी ताजिये एक साथ चौराहे से पुरानी मस्जिद पर होकर बस्ती से निकलकर कर्बला पर पहुंच गए। जहां उनको दबाया गया।
यौमे आशूरा पर गमगीन माहौल में निकाले गए ताजिये
मसवासी में मानपुर स्थित कर्बला मैदान पर दो दर्जन गांव के ताजिये ठहराए गए। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था खड़ी रही। मानपुर ईदगाह कमेटी की ओर से मेले में पुलिस के साथ कमेटी के लोग भी सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहे। कर्बला मैदान में मसवासी, चाउपुरा, भूबरा, शिकारपुर, धर्मपुर उत्तरी, अलीगंज, मिलक भूबरी, मौलागढ़ शिवनगर बब्बरपुरी, महाराजपुर खानपुर उत्तरी मानपुर उत्तरी, बिजारखाता, खौदकला और मजरा खुशहालपुर समेत आसपास के ताजिये ठहराए गए। उधर सेमरा लाड़पुर में भी तीन गांवों के ताजिये ठहराए गए।