Rampur News: सीडीओ के निरीक्षण में गायब स्टार्फ नर्सों का वेतन काटने के आदेश
रामपुर। सीडीओ ने शनिवार को सीएचसी शाहबाद का निरीक्षण कर लिया। इस दौरान अस्पताल में अव्यवस्थाएं मिली। अभिलेखों से लेकर हाजिरी रजिस्टर में हुए खेल को सीडीओ ने पकड़ लिया। अव्यवस्थाएं मिलने पर बाबू समेत कई के वेतन रोकने के आदेश दिए गए है। वहीं दो अनुपस्थित मिलीं दो स्टार्फ नर्सों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।शनिवार को शाहबाद सीएचसी में निरीक्षण करने पहुंचे सीडीओ नंद किशोर कलाल ने पहले एचआरपी रजिस्टर चेक किया। रजिस्टर में एक महिला का हीमोग्लोबिन पांच पॉइंट पाया गया। जिसे देखकर सीडीओ ने टीम को तलब कर लिया। साथ ही रजिस्टर में आशा, एएनएम और सीएचओ द्वारा की गई गड़बड़ी भी पकड़ी गई। वहीं हीमोग्लोबिन को लेकर सीडीओ ने मधुकर सेंटर पर तैनात सीएचओ, आशा व एएनएम का स्पष्टीकरण मांगा है और लापरवाही बरतने पर तीनों का वेतन रोकने के आदेश दिए है। वहीं स्टाफ नर्स बबली और शशिबाला के गैर हाजिर मिलने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डॉ. मनोज गुप्ता और सफाईकर्मी राजेंद्र कुमार भी अनुपस्थित मिले।
इसी दौरान सीएचसी के बाबू रामपुर सीएमओ ऑफिस में कार्यरत बताए गए, जबकि उनकी हाजिरी शाहबाद में लग रही थी। उनका लंबे समय से वेतन भी शाहबाद से दिया जा रहा था। बाबू के रामपुर ऑफिस में कार्य करने की जानकारी सीडीओ ने सीएमओ से ली। जिस पर सीएमओ ने कोई भी अटेचमेंट और आदेश न होने का हवाला दे दिया। बिना किसी आदेश के रामपुर ऑफिस में बाबू के बैठने और कार्य करने की बात सुनकर सीडीओ खफा हो गए और बाबू अनिल का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए। साथ ही सर्विस पर ब्रेक लगाने के भी मौखिक निर्देश दिए।
किसी को नहीं पता थी पोर्टल पर दर्ज महिलाओं की संख्या
इसके बाद सीडीओ ने आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की संख्या पूछी, जो किसी को नहीं पता थी। इसके बाद पोर्टल से संख्या मंगवाई गई। सीडीओ ने बताया कि पोर्टल पर गर्भवर्तियों की संख्या 4070 है। जिनकी देखभाल के लिए 45 एएनएम, 300 आशाएं और 47 सीएचओ है। बावजूद इसके गर्भवर्तियों, एचआरपी मजिलाओं की देखभाल में लापरवाही सामने आ रही है। लापरवाही को देखते हुए सुधार के निर्देश दिए गए।
गर्भवती को नहीं मिला था भोजन
सीडीओ ने जच्चा-बच्चा केंद्र में पहुंचे, तो वहां भी अव्यववस्थाएं मिली। वार्ड में भर्ती गर्भवती को भोजन नहीं मिला था। गर्भवती के लिए आशा बाहर से भोजन लेने गई थी। इसके बाद डिलीवरी रूम और केएमसी रूम में पहुंचकर निरीक्षण किया। जच्चा-बच्चा केंद्र में लापरवाही मिलने पर स्टाफ नर्स रामसती का वेतन काटने के निर्देश जारी किए। वहीं संविदा स्टाफ नर्स को भी नसीहत दी गई। सफाई व्यवस्था और शौचालयों में सफाई के निर्देश दिए गए। हालांकि, दवा का स्टॉक ठीक-ठाक मिला। इस निरीक्षण के दौरान सीएमओ एसपी सिंह, चिकित्साधीक्षक डॉक्टर आरके चंदेल, फार्मासिस्ट रामजीत पटेल आदि मौजूद रहे।