Rampur News: गुरुओं को नमन, मेहनत से महकाया ज्ञान का गुलशन
रामपुर। कुछ करने की चाहत है तो सब संभव है। ऐसा ही कर दिखाया है जिले के सरकारी स्कूलों में तैनात कुछ शिक्षकों ने। इन्होंने अपने अथक प्रयास से न सिर्फ बच्चों के शैक्षिक माहौल को बदला, बल्कि स्कूल की दशा और दिशा में भी अभूतपूर्व परिवर्तन किए। आज इनके स्कूल कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। स्कूल में शिक्षा के बेहतर माहौल और नवीनतम शिक्षण पद्धति अपनाने का ही परिणाम है कि उनके स्कूल में बच्चों का नामांकन साल दर साल बढ़ रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर हम ऐसे ही शिक्षकों के प्रयासों और उसके चलते आए सकारात्मक परिणामों के बारे में आपको बता रहे हैं।
प्रोजेक्टर के माध्यम से शुरू कराई पढ़ाई
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किला में सामाजिक विज्ञान की शिक्षिका तृप्ति माहौर ने शैक्षिक माहौल को ही बदल दिया। इन्होंने कॉलेज में अपने खर्चे से स्मार्ट क्लास तैयार कराकर प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षण कार्य शुरू कराया। इससे नवाचार हुआ और बच्चों का रुझान सामाजिक विज्ञान के अध्ययन की तरफ बढ़ा। इस वजह से छात्रों के नामांकन में वृद्धि हुई। वर्ष 2021 में शिक्षिका तृप्ति माहौर को राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है।
खेल-खेल में बच्चों को विज्ञान का बोध
सैदनगर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका राशि सक्सेना ने बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान के जरिये विज्ञान का बोध शुरू कराया। पिछले सत्र के मुकाबले इस सत्र में इनके विद्यालय में 90 बच्चों का नामांकन बढ़ा है। विद्यालय में विज्ञान की आधुनिक लैब में बच्चे खेल-खेल में हर रोज नए प्रयोग सीख रहे हैं। बच्चों को नवाचार सिखाया जा रहा है।
स्कूल में चल रहीं पांच स्मार्ट क्लास
चमरौआ ब्लॉक के मॉडल स्कूल पंजाबनगर में इंचार्ज शिक्षिका रीता सिंह ने जब स्कूल में तैनाती पाई तो स्थिति ठीक नहीं थी। धीरे-धीरे इन्होंने अपने खर्चे से स्कूल की तस्वीर बदलते हुए हिंदी, गणित और विज्ञान विषयों की पांच स्मार्ट क्लासों की स्थापना करा दी। कंप्यूटर की आधुनिक प्रयोगशाला में बच्चे पढ़ रहे हैं। खेलकूद के लिए आधुनिक पार्क है। शिक्षिका रीता सिंह को वर्ष 2022 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
शिक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता के कार्यों में रुचि
शहर के जैन इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता मुनीश चंद्र शर्मा शिक्षण कार्य के साथ पोलियो, मतदाता जागरूकता, पौधरोपण, रक्तदान, स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण आदि सामाजिक सहाभागिता वाले कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उनके इन कार्याें के लिए प्रदेश सरकार ने इस वर्ष उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है। संवाद
विद्यालय में स्मार्ट क्लास से पढ़ रहे बच्चे
चमरौआ ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय अहमदनगर खेड़ा के बच्चे अब स्मार्ट क्लास में एलईडी के जरिये पढ़ाई करते हैं। यह सब संभव हुआ है, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ. सुमन अरोड़ा के प्रयास से। वर्ष 2018 में तैनाती पाने के बाद से इन्होंने स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प से जुड़े तमाम कार्य कराए। इससे विद्यालय में शैक्षिक माहौल अच्छा हुआ। बच्चों के नामांकन में इजाफा हुआ। मंगलवार को उन्हें शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।