Rampur News: विधायक निधि खर्च करने में स्वार विधायक सबसे आगे
रामपुर। 2024 में आम चुनाव से पहले जिले के माननीय विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुटे हुए हैं। विकास कार्यों के लिए आई निधि को खर्च करने के लिए विकास कार्यों के तमाम प्रस्ताव जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के पास पहुंच चुके हैं। विभाग इन प्रस्तावों पर जल्द से जल्द मुहर लगा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में सांसद निधि में पांच करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी। इसमें से सांसद घनश्याम सिंह लोधी साढ़े तीन करोड़ के प्रस्ताव पास करा चुके हैं। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में बारातघर, सड़क निर्माण, प्याऊ आदि पर यह धनराशि विकास कार्यों पर खर्च की है। विधायक निधि में इस बार तीन किस्तों में पांच करोड़ रुपये आए हैं। इससे पहले तीन करोड़ रुपये मिला करते थे।
स्वार से अपना दल एस के विधायक शफीक अंसारी 3.56 करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास करा चुके हैं। इन्होंने कुछ सड़कों के निर्माण कार्य के प्रस्ताव और भेजे हैं। मिलक से भाजपा विधायक राजबाला सिंह अपनी विधानसभा में डेढ़ करोड़ के नौ विकास कार्यों के प्रस्तावों को पास करा चुकी हैं। एक करोड़ के और विकास कार्यों के प्रस्ताव इन्होंने दिए हैं।
रामपुर विधायक आकाश सक्सेना ने अब तक 50 लाख के प्रस्ताव स्वीकृत कराए हैं। सड़क व अन्य विकास कार्यों से संबंधित लगभग डेढ़ करोड़ के 61 कार्यों के प्रस्ताव तैयार कराकर और भेजे हैं। इनको मंजूरी का इंतजार है। बिलासपुर से भाजपा विधायक और कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख 16.88 लाख के प्रस्ताव स्वीकृत करा चुके हैं। दो करोड़ के प्रस्ताव तैयार कर डीआरडीए को भेजे गए हैं। चमरौआ से सपा विधायक नसीर खान निधि खर्च करने में पीछे हैं। उन्होंने इस वित्तीय वर्ष में आई पांच करोड़ की निधि में से एक भी पैसा खर्च नहीं किया है। पिछले वित्तीय वर्ष के डेढ़ करोड़ के प्रस्ताव अब जाकर मंजूर कराए हैं। उनसे इस वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
एमएलसी ने कराया 87 लाख का काम
एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने अपनी निधि में से 87 लाख रुपये के प्रस्ताव पास कराए हैं। इस धनराशि से जिले में 228 सोलर लाइटें लगाई गई हैं।
विधायक निधि में तीन किस्तों में संपूर्ण धनराशि मिल चुकी हैं। विधायकों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।
डीएन तिवारी, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम विकास अभिकरण।
किस विधायक ने कितना काम कराया
मिलक- डेढ़ करोड़ से स्वागत द्वार, प्याऊ, सड़कों का निर्माण।
स्वार- सड़क, नालियां, मुख्य द्वार, सामुदायिक भवन आदि पर 3.56 करोड़ खर्च।
चमरौआ- पांच करोड़ में कोई धनराशि खर्च नहीं।
शहर- इंटरलॉकिंग, लाइटें, पथ प्रकाश व्यवस्था, सीसी रोड आदि पर 50 लाख खर्च।
बिलासपुर- 16.88 लाख रुपये नाली, खड़ंजा और सड़क निर्माण पर खर्च।