Rampur News: झूले टूटे और पार्क बदहाल, कहां खेलें नौनिहाल
रामपुर। कहीं झूले टूटे हुए हैं तो कहीं बैठने तक के लिए सीटें तक नहीं है। फुलवाड़ी की बजाय बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। पार्क की सुरक्षा को लगीं लोहे की ग्रिल तक गायब हो चुकी हैं। ये तस्वीरें हैं शहरवासियों की घूमने-टहलने और बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए पार्कों की। कई पार्क तो ऐसे हैं जहां लोगों ने अवैध कब्जा कर उसे पार्किंग बना लिया है। पालिका प्रशासन की सुस्ती के चलते लोग परेशानी झेल रहे हैं।शहर की दौड़ती जिंदगी के बीच लोग सुबह-शाम टहल सकें, प्राकृतिक वातावरण के बीच कुछ पल सुकून के बिता सकें, इसके लिए पार्क बनवाए गए। यहां छोटे-छोटे बच्चों के खेलने के लिए झूले आदि भी लगवाए गए, लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के चलते देखरेख के अभाव में शहर के तमाम पार्क बदहाल हो चुके हैं। वार्ड सभासद भी इसको लेकर गंभीर नहीं है। शहर के अधिकतर पार्कों की हालत यही है। पार्क में बदहाली के चलते बच्चे सड़क पर ही खेलते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
इन पार्कों की हालत दयनीय
ज्वाला नगर का राम मनोहर लोहिया पार्क, राधा रोड स्थित लेबर काॅलोनी का पार्क, आदर्श काॅलोनी स्थित आचार्य नरेंद्र देव पार्क, आवास विकास काॅलोनी स्थित पार्क, नूर महल आवास विकास काॅलोनी का पार्क, तिलक नगर काॅलोनी स्थित पार्क, गांधी पार्क समेत शहर के कई पार्कों की हालत बेहद दयनीय है।
लोहे की ग्रिल तक कर दी गायब
पार्क के अंदर कुत्ते या आवारा जानवर न घुस पाएं इसके लिए गेट के साथ ही चारों ओर चहारदीवारी के रूप में लोहे ग्रिल भी लगाई गई थी, लेकिन ज्वाला नगर के राम मनोहर लोहिया पार्क की ये ग्रिल तक गायब हो गई। यहां पर सीटें भी टूटी हुई हैं। देखभाल के अभाव में फुलवाड़ी भी सूख गई है। झूले भी टूटे हुए हैं। इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
शाम होते ही मयखाने में तब्दील हो जाते पार्क
शहर के तमाम पार्कों में शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावाड़ा लग जाता है। शाम को पार्क में अंधेरे के बीच कुछ शराब का सेवन करते हैं तो कुछ जुआ खेलना शुरू कर देते हैं। पुलिस भी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आती है। शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
क्या कहते हैं लोग
-काॅलोनी का पार्क बदहाल हो चुका है। खेलने की जगह न होने के चलते बच्चे भी परेशान रहते हैं। पार्क में झूले तक नहीं है और गदंगी भी रहती है।पवन बांगा, लेबर कॉलोनी
-पार्क में न झूले और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम। हालत यह है कि यहां पर बैठने तक के लिए सीटों तक की व्यवस्था नहीं है। बच्चे कहां खेलें। पार्क की हालत सुधारी जानी चाहिए।
डॉ. शिवानी, आवास विकास कॉलोनी
-पालिका को पार्कों की हालत को सुधारने के लिए ध्यान देना चाहिए। जो भी पार्क बने हैं, उनकी हालत खराब है। आवास विकास कॉलोनी का पार्क बेहद गंदा रहता है। सफाई तक नहीं की जाती है।
शशिकांत, आवास विकास कॉलोनी
– पार्क की हालत खराब होने की वजह से बच्चे खेल भी नहीं पाते और बड़े पार्क में ताजा हवा तक नहीं ले सकते। इतनी गदंगी रहती है कि यहां खड़ा होना तक मुश्किल होता है। पालिका को इस पर ध्यान देना चाहिए।
नवीन भाटिया, लेबर कॉलोनी
-शहर के पार्कों की हालत को सुधारा जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। पार्कों पर कहीं अवैध कब्जा है तो उसे हटवाया जाएगा। साथ ही बच्चों के लिए झूले लगवाए जाएंगे।