Rampur News: शिक्षकों की चिंता, बजट के बिना कैसे कराएं परीक्षा
रामपुर। बेसिक स्कूलों की अर्धवार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है, लेकिन इसकी तैयारी के लिए बजट का कोई पता नहीं है। परीक्षा कैसे होगी इसको लेकर शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में छह नवंबर से 10 नवंबर के बीच बेसिक स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं कराई जाएंगी, लेकिन कॉपी व प्रश्न पत्र के लिए ग्रांट जारी न होने पर शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। शिक्षकों के सामने पेपर छपवाने व अन्य जरूरी खर्चों के लिए बजट का संकट बना है। परीक्षा में कॉपी व प्रश्न पत्र सहित अन्य खर्च को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कंपोजिट ग्रांट जारी होती है। इसमें हर स्कूल को प्रतिवर्ष दस हजार रुपये दिए जाते हैं।
बीते दो साल से जिले में यह ग्रांट नहीं मिली है। इधर, परीक्षा के लिए अब एक ही दिन का समय बचा है। ऐसे में शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के समक्ष यह समस्या रखी तो उन्होंने कंपोजिट ग्रांट जारी होने पर परीक्षा में हुए खर्च के समायोजन की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में शिक्षकों के सामने परीक्षा को कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।
बोले शिक्षक
दो साल से कंपोजिट ग्रांट नहीं मिली है। ऐसे में परीक्षा को करा पाना चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए विभाग को कुछ सोचना पड़ेगा।
परीक्षा में उत्तर पुस्तिका, प्रश्न पत्र से लेकर रिजल्ट तैयार करने के लिए खर्च होता है। दो साल से ग्रांट नहीं मिली है। अपनी जेब से खर्च कर बच्चों की परीक्षा कराई है।
अधिकारियों को शिक्षकों की समस्याओं को समझना चाहिए। दो साल से अपने खर्चे पर परीक्षाएं कर रहे हैं। अब अधिकारी कंपोजिट ग्रांट जारी होने पर खर्च का समायोजन करने की बात कह रहे हैं।
साल 2022-23 में बजट के अभाव में परीक्षा परिणाम तैयार होने के बाद भी रिपोर्ट कार्ड वितरित नहीं किए जा सके थे। इस बार भी यह समस्या खड़ी न हो इसके लिए विभाग को कुछ सोचना होगा।
शासन से जारी होने वाली कंपोजिट ग्रांट अभी जारी नहीं हुई है। शिक्षक अपने पास से ही परीक्षा के खर्च का वहन कर रहे हैं। ग्रांट जारी होने पर समायोजन करा दिया जाएगा। – संजीव कुमार, बीएसए, रामपुर।