Rampur News: भरभराकर गिरी दीवार, मलबे के नीचे दबी महिला की उपचार के दौरान मौत
शाहबाद (रामपुर)। रविवार को किसान के मकान की दीवार भरभराकर बाहर बैठी महिला के ऊपर गिर पड़ी। हादसे में महिला के गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में परिवार के लोग निजी अस्पताल ले गए। जहां पर उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। सूचना के बाद मौके का मुआयना करने के लिए एसडीएम पहुंचे। कार्रवाई के लिए महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए रामपुर भेज दिया है।
शाहबाद तहसील क्षेत्र के पस्तोर गांव निवासी किसान बाबूराम की पत्नी रविवार को खाना खाने के बाद घर के बाहर बैठी हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार अचानक दोपहर में उनके खुद के मकान की दीवार भरभरा कर किसान की पत्नी सोमवती के ऊपर गिर पड़ी। दीवार गिरने के बाद चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद ग्रामीण दौड़ पड़े। इस दुर्घटना में महिला को दीवार के मलबे के नीचे से निकाला गया। इस दौरान महिला के गंभीर चोटें आईं। परिजन और ग्रामीण घायल अवस्था में महिला को जनपद संभल के चंदौसी में एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां पर उपचार के कुछ ही देर बाद महिला की मौत हो गई। सूचना पाकर शाहबाद एसडीएम सुनील कुमार मौके का मुआयना करने के लिए पस्तोर गांव में पहुंच गए। अचानक हादसे के बाद हुई महिला की मौत के बाद से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार वालों की मंशा के अनुसार एसडीएम ने पुलिस के माध्यम से महिला के शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए रामपुर भेज दिया है। मृतक महिला ने तीन बेटियों को छोड़ा है।
बेटियों की शादी के लिए मां ढूंढ रही थी रिश्ता
पस्तोर गांव में दीवार के नीचे दबकर सोमवती महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया सोमवती की चार बेटियां थीं। जिनमें कुसुम की शादी हो चुकी है। अब मृत महिला की बेटी संजू, आशा और नीरज शादी से रह गई है। परिवार में कोई बेटा न होने के कारण महिला अपने सामने ही बेटियों की शादी करना चाहती थी। जिसके लिए वह बेटियों के लिए रिश्ता ढूंढ रही थी और शादी के लिए भी दहेज इकट्ठा कर रही थी। लेकिन अचानक मौत से महिला के सारे अरमानों पर पानी फिर गया।
रात में सो रहे परिवार के ऊपर गिरी मकान की कच्ची छत, छह घायल
सैफनी-शाहबाद (रामपुर)। शनिवार देर रात को कच्चे मकान की छत के नीचे सो रहे परिवार के ऊपर भरभराकर कच्ची छत गिर गई। मलबे के नीचे दबे लोगों ने चीख-पुकार मचा दी। चीख-पकार सुनने के बाद पड़ोसियों ने सभी को मलबे के नीचे से निकाला और सीएचसी शाहबाद में भर्ती कराया। पिता-पुत्री की हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया।
तहसील क्षेत्र के किशनपुर गांव में शनिवार देर रात तकरीबन साढ़े 11 बजे किसान ईदा अपनी पत्नी रहीमन, बेटी राहीन (8), दूसरी बेटी नाजरीन (12), बेटा बिलाल (7) दूसरा बेटा अनस (3) सभी सो रहे थे। सोते समय कच्चे मकान की छत भरभराकर सो रहे परिवार पर गिर पड़ी। छत के मलबे के नीचे दबकर परिवार के सभी लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए। हादसे के बाद शोर-शराबा हो गया। शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी दौड़ पड़े। हादसे को देखकर सभी ने मलबे के नीचे दबाकर चोटिल हुए परिवार के लोगों को निकाला। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से सभी घायलों को शाहबाद सीएचसी में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन ईदा और उनकी बेटी नाजरीन की हालत को गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रविवार को पिता-पुत्री का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार को घटना की सूचना के बाद शाहबाद एसडीएम सुनील कुमार ने तुरंत हल्का लेखपाल को गांव में मौके का मुआयना करने के लिए भेज दिया। उधर, घायलों के परिवार के लोगों को फोन के माध्यम से एसडीएम ने हालचाल जाना। एसडीएम ने बताया कि घायलों को सरकार की ओर से दिए जाने वाले लाभ बताकर आश्वासन दिया।
स्वार के गांव में कच्चे मकान की छत गिरी, बच्ची घायल
स्वार (रामपुर)। क्षेत्र के बंदरपुरा गांव में तेज बारिश के चलते ग्रामीण के कच्चे घर की छत गिरने से आठ वर्षीय बच्ची मलबे में दब गई। चीच-पुकार सुनकर आसपास के लोग आ गए जिन्होंने मलबे में दबी बच्ची, चोटिल अवस्था में बाहर निकाला। बच्ची को इलाज के लिए स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया है। बताते हैं कि हादसे के समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे।
कोतवाली स्वार क्षेत्र के मधुपुरा का मझरा बंदरपुरा में धर्मवीर का परिवार रहता है। वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी पत्नी बीमार चल रही है। जिसके चलते वह चार दिन से पत्नी के साथ एक निजी अस्पताल में है। घर में उसकी आठ वर्षीय बेटी आशू अपनी बुआ की बेटी के साथ रह रह रही है। एक बच्चा बुआ के यहां था जबकि सबसे छोटे बच्चे को वह अपने साथ अस्पताल ले गया था। रविवार की सुबह लगभग 11 बजे हवा के साथ मूसलाधार बारिश हुई तो घर की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। घर में आशू अकेली थी वह नीचे दब गई। उसकी चीख पुकार सुनकर बहन दौड़ती हुई आई और शोर मचाते हुए पड़ोसियों को बुला लिया।
पड़ोसियों ने बच्ची को छत के मलबे से बाहर निकाला। बच्ची को सही सलामत देखकर संतोष व्यक्त किया लेकिन बालिका काफी चोटिल अवस्था में थी जिसे तत्काल ही सीएचसी भेज दिया गया। हादसे की सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान प्रेमपाल आ गए। उन्होंने घर में रखा सामान बाहर निकालने में मदद की। ग्राम प्रधान ने हादसे से एसडीएम को अवगत कराते हुए पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की मांग की है।