आरबीआई के दस्तावेज़ में कहा गया है, बैंकों के निजी आवास में आई कमी, एसबीआई के सेल्स पर लग रहा है
मुद्रास्फीति ने उपभोग को प्रभावित किया: स्कोडा दर में तेज उथल-पुथल के साथ लोगों के निजी आवास प्रभावित हुए हैं। शेयर बाजार में निजी निवेश को आगे बढ़ाने की योजना को आगे बढ़ाने के साथ ही निजी निवेश में भी कमी का आकलन किया जा रहा है। रिजर्व बैंक ने जो पत्रिका जारी की उसमें ये बातें लिखी हुई हैं।
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा की अगुआई वाली टीम ने आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा के लेख में ये बातें लिखी हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के बुलेटिन में छपे इस लेख में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था को कम करने की ज़रूरत है जिससे कि निवेशकों द्वारा खर्च किए जाने वाले खर्च को बढ़ाने में मदद मिल सके साथ ही रिकॉर्ड रेवेन्यू के साथ उनकी संपत्ति को मजबूत किया जा सके।
आरबीआई के इस दस्तावेज में कहा गया है कि हाल में जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के शेयरों को एक साथ देखा गया है तो यह स्पष्ट है कि घाटे के चलते निजी उपभोग में कमी आई है। इसकी वजह से कंपनी की बिक्री घट रही है और निजी निवेश में भी क्षमता में कमी आ रही है।
निजीकरण सिद्धांत के इस लेख में कहा गया है, जहां भारत में उद्योग जगत फिर से तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है, वहीं कुछ देशों में गरीबी या गिरावट की स्थिति अभी भी बनी हुई है।
ये है अप्रैल और मई महीने में क्रेडिट कार्ड से राहत की बात, ब्याज दर पर अच्छी खबर है। मई महीने में खाद्य उत्पादों की बिक्री में गिरावट के साथ 4.25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अगली सतत बैठक में रुचि के उत्पादों के प्रचार पर अच्छी खबर की उम्मीद की जा रही है।
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