एसबीआई ने वित्त मंत्री को 5740 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक, अब तक का रिकॉर्ड लिखा है
एसबीआई लाभांश: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सरकार को वित्त वर्ष 2022-23 का लाभांश दिया है। शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मल सीतारामन को इस डिविडेंड का चैक खींचा गया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से भरा हुआ दिनेश कुमार खारा ने बीते कल 5740 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक वित्त मंत्री निर्मल सितारमन को. खास बात ये रही कि ये तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है।
वित्त मंत्री के आधिकारिक आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस पर ट्वीट किया गया। ट्वीट किया गया कि “वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 5740 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक प्राप्त किया गया। ये भारत सरकार को स्टेट ऑफ इंडिया की ओर से किसी वित्त वर्ष के लिए दिया गया अभी तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है। ये डिविडेंड चेक दिनेश कुमार खारा की ओर से लिया गया। इस एक नोट पर वित्त मंत्री, दावेदारों के साथ वित्त सेवा सचिव विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।”
एसबीआई ने 11.30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (1130 प्रतिशत) के लाभांश का ऐलान 31 मार्च 2023 को किया था। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले वित्त वर्ष 17,648.67 करोड़ रुपए रुपये टैक्स भी सरकार को दिया है।
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यूटीआई म्युचुअल फंड के प्रतिनिधि नियामक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम ने देश के सबसे पुराने फंड हाउस यूटीआई म्युचुअल फंड में अपनी तरह की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इन यूनिट्स ने डायरेक्ट मैसेज की बिक्री पर सलाह देने के लिए मर्चेंट बैंकों से संपर्क किया है।
जागरण का भी बढ़ा है
एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष (2022-23) के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के लिहाज से पीएसबी का सामूहिक रूप से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। यह लगभग आंखों के सामने देश के सबसे बड़े बैंकों में दिख रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि 11 अन्य सरकारी संतों ने मिलकर काम किया, लगभग उतना ही अलग भारतीय स्टेट बैंक हो गया।