Shahjahanpur News: 400 रुपये किलो बेचते थे 120 की चाय की पत्ती

कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में खुली चाय को पैकेट में भरकर बेचने वाले आरोपी।
शाहजहांपुर। चांदापुर चौराहे के पास वर्मा अस्पताल के पीछे गोदाम में रविवार की शाम खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से बरामद मिसब्रांड चाय पत्ती को 400 रुपये किलो के भाव बेचा जा रहा था। जबकि यह दोयम दर्जे की चाय 120 रुपये में मिलती है। इसे ब्रांडेड रैपरों में भरकर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी। कई जिलों में इसकी आपूर्ति की जाती थी। यह खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में हुआ है। पुलिस के सहयोग से टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि एक भाग गया।
रविवार को मुख्य खाद्य निरीक्षक रवि शर्मा ने एसओजी के साथ गोदाम में छापा मारा था। टीम को गोदाम में मशीन के जरिये ताजा ब्रांड के रैपर में दोयम दर्जे की चाय की पत्ती भरते हुए पकड़ा था। डॉक्टर के गोदाम में यह धंधा करीब चार महीने से चल रहा था। असली रैपर में घटिया गुणवत्ता की चाय की पत्ती की आपूर्ति बरेली, पीलीभीत, बदायूं समेत कई जिलों में होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने गोदाम से 16 बोरों में 360.8 किलो चायपत्ती ताजा, 633.9 किलोग्राम खुली चाय 21 बोरों में बरामद हुई। इसी तरह 10.4 किलोग्राम पान मसाला (गगन) के पैकेट, ढाई किलो खुला पान मसाला आदि बरामद हुआ। एसपी सिटी सुधीर जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने चौक कोतवाली के ग्राम मौजमपुर निवासी जितेंद्र वर्मा, हमीरपुर के पोस्ट भरुआ सुमेरपुर के गांव पतेउरा निवासी सुरेंद्र व कांट के अकर्रारसूलपुर निवासी नन्हेलाल को गिरफ्तार किया। थाना कांट के मिलकिया गांव निवासी सरोज कुमार की तलाश की जा रही है।
सुपारी और कत्था भी हुआ बरामद
मुख्य खाद्य निरीक्षक रवि शर्मा ने आरोपियों से पूछताछ की। उन्होंने स्वीकार किया कि 120 रुपये खुली चाय की पत्ती को लाकर ताजा ब्रांड के रैपर में भरकर 400 रुपये किलो में बिक्री करते थे। इसी तरह टीम को सुपारी और कत्थे के साथ नकली गगन गुटका के पैकेट के रोल भी बरामद हुए हैं, जिसमें सुपारी और कत्थे को भरकर पाउच को बिक्री किया जाता था।
ताजा कंपनी से मिली थी शिकायत, एक महीने से लगी थी टीम
खाद्य सुरक्षा विभाग के कार्यालय में ताजा कंपनी से गड़बड़झाले की शिकायत आई थी। स्थानीय लोगों ने भी सूचित किया था। करीब एक महीने पहले भी खाद्य विभाग की टीम को चाय की पत्ती की खेप रोडवेज बस के माध्यम से पीलीभीत भेजे जाने का इनपुट मिला था। टीम ने सुबह छह से 12 बजे तक निगरानी की, पर कामयाबी नहीं मिली थी। जितेंद्र ही खेप को बसों से इधर से उधर करने का काम करता था।
-चाय की पत्ती को ब्रांडेड रैपर में बिक्री करने वालों की तलाश में काफी दिन से लगे थे। इस तरह के कई और इनपुट आए हैं। उन पर कार्रवाई की जाएगी। -रवि शर्मा, मुख्य खाद्य निरीक्षक