Shahjahanpur News: पराली जलाने से रोकने के लिए 84 टीमें फिर भी 16 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 07 Oct 2023 01:10 AM IST

पराली को खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर गोशाला जे जाया जा रहा। प्रशासन
शाहजहांपुर। तमाम प्रयास के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। जिलास्तर से लेकर ग्राम पंचायत तक करीब 84 टीमों का गठन किया गया है। फिर भी अब तक जिले में पराली जलाने की 16 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें तीन लोगों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है।
पिछले वर्ष पराली जलाने की घटनाएं प्रदेश में सबसे अधिक शाहजहांपुर जिले में हुईं थी। इसको देखते हुए प्रशासन ने जिला स्तरीय तीन कार्यशालाओं को आयोजन कराया। इसके साथ ही तहसील स्तर, ब्लॉक स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर भी ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गईं। जिला स्तर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. सुरेश कुमार के नेतृत्व में निगरानी टीम बनाई गई है। इसी तरह से तहसील स्तर पर संबंधित एसडीएम स्तर पर टीम बनाई गई। ब्लॉक स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी टीमों का गठन किया गया है। कृषि विभाग की 84 टीम जिले में भ्रमण पर रहती हैं। क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व कर्मियों को भी निगरानी के लिए लगाया गया है। स्थानीय पुलिस को भी जिम्मा दिया है।
पराली का ऐसे करें प्रबंधन
– फसल के अवशेषों को एकत्र करके कंपोस्ट बनाएं।
– कंबाइन से कटाई किए गए धान के खेत में हैप्पी सीडर, मशीन के प्रयोग से गेहूं की सीधी बुवाई की जा सकती है।
– एमवीप्लाओ द्वारा पराली को खेतों में दबाकर एवं सड़ाकर समाधान निकाला जा सकता है।
– पराली के बायो पॉवर प्लांट को बेचकर लाभ ले सकते हैं।
– गोशालाओं में पराली दे सकते हैं।
– डीकंपोजर का इस्तेमाल करके पराली की खाद बना सकते हैं।
– एफपीओ में पराली देकर लाभ कमा सकते हैं।