शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: आराध्या की रोने की आवाज से टूटी नींद, सड़क पर लाशें देखकर कांप उठी रूह

Connect News 24

शाहजहांपुर/सेहरामऊ दक्षिणी। हरदोई-शाहजहांपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार तड़के हुए दर्दनाक हादसे में दंपती और दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत से सभी का दिल दहल गया। हादसे के बाद का नजारा देखकर दिलावरपुर गांव के लोग कांप गए। सड़क पर बिखरी लाशें, बहता खून, मासूमों के शव देखकर लोगों का कलेजा मुंह को आ गया।

हाईवे पर स्थित लक्ष्य ढाबा के मालिक अवधेश कुमार वर्मा की नींद करीब साढ़े चार बजे बच्चे के रोने की आवाज सुनकर टूटी। वह ढाबे के बाहर निकले। उन्हें लगा कि कोई बच्चे को छोड़ गया होगा। अंधेरे में बाहर निकले और मौके पर पहुंचे। हादसा स्थल पर दो बच्चे, पुरुष व दो महिलाएं खून से लथपथ पड़ीं थीं। वहीं पास में आराध्या रो रही थी। पांच शवों को देखकर वह कांप गए। कुछ देर के लिए सदमे में आ गए। मुंह से आवाज नहीं निकली।

अवधेश के मुताबिक, खुद को संभालने के बाद सबसे पहले बच्ची आराध्या को गोद में लेकर शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद सेहरामऊ दक्षिणी थाने पर फोन लगाकर मामले की जानकारी दी। वहां से डॉयल 112 को सूचना देने के लिए कहा गया। उन्होंने कॉल की तो फोन लग नहीं लगा। इस बीच गांव के रामसागर वर्मा भी आ गए। उनके फोन से डॉयल 112 को सूचना दी गई। कुछ देर में पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद एंबुलेंस भी आ गई। शवों को तुरंत मॉर्च्युरी पर भिजवाया गया। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। इसके चलते हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने किसी तरह रास्ते को साफ कराया।

महिला के फोन से परिजनों को दी सूचना

हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिनाख्त का प्रयास किया। सिपाही को मृतका का पर्स मिला, इसमें फोन रखा था। फोन के जरिये ही परिजनों को सूचना दी गई।

नौकरी पर वापसी की जल्दबाजी में चली गईं पांच जानें, खत्म हो गया परिवार

शाहजहांपुर। रघुवीर गाजियाबाद की एक प्रिंटिंग प्रेस में कक्षा एक से पांच तक की किताबों की छपाई का काम करता था। उसके पिता सत्यापाल एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। रघुवीर की पत्नी ज्योति, बेटे अभि व कृष्णा, भाई सोनू व मां भाग्यवती भी साथ रहते थे।

ज्योति की मौसी की शादी में शामिल होने के लिए रघुवीर बुधवार को परिवार के साथ गाजियाबाद से आया था। बताते हैं कि वह तिलहर के सिउरा निवासी साली जूली को साथ लेकर शादी में शामिल होने शाहबाद गया था। बरात का इंतजाम गेस्ट हाउस में किया गया था। रात करीब 11 बजे तिलहर से बरात आई थी। रात में शादी की सारी रस्में निपटने के बाद तड़के करीब साढ़े तीन बजे रघुवीर चल दिया। बाइक पर रघुवीर की पत्नी व दो बच्चों समेत साली जूली व उसकी बेटी आराध्या भी थी। रघुवीर हेलमेट नहीं लगाए थे।

परिजनों के अनुसार, रघुवीर को रविवार को गाजियाबाद जाकर ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। इसलिए, वह पूरी रात जागने के बाद भी तड़के चल दिया। रास्ते में अज्ञात वाहन की टक्कर से उसका पूरा परिवार खत्म हो गया। साली की भी जान चली गई। ज्योति तिलहर में मनरेगा में मेठ थी। उसे रघुवीर ने ही काफी प्रयास कर मेठ बनवाया था। सड़क निर्माण होने पर देखभाल के लिए गाजियाबाद से कुछ दिन के लिए ज्योति यहां आ जाती थी। संवाद

रघुवीर पर थी जिम्मेदारी, बहन की तय की थी शादी

जैतीपुर। रघुवीर अपने परिवार को अच्छे से संभालने का प्रयास करता था। उसके ऊपर काफी जिम्मेदारियां थीं। परिवार में बहन सरिता, सलोनी व आरती हैं। बड़ी बहन सरिता की शादी जल्लापुर में विपिन के साथ काफी धूमधाम से की थी। इसके चलते जमीन भी बिक गई थी। गांव में रोजी-रोटी का संकट आने के बाद वह परिवार समेत दिल्ली में जाकर नौकरी करने लगा था। उसने छोटी बहन सलोनी की शादी तिलहर के बंथरा गांव में तय की थी। संवाद

कच्चे में जा गिरी थी आराध्या, तभी बच गई जान

हादसे में जहां पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं जूली की गोद से छिटककर सड़क किनारे कच्चे में गिरने से आराध्या की जान बच गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में उसने कुछ दूरी पर खड़े ट्रक चालक से जानकारी की। उसने किसी हादसे के बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया। हादसे के बाद आराध्या को महिला सिपाही ने संभाला। इसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में नानी माधुरी ने उसे संभाला।

पत्नी का शव देखकर सौरभ हुए बेहाल

दिलावरपुर में हुए हादसे में सिउरा निवासी सौरभ सिंह की पत्नी जूली की जान चली गई। उसकी बेटी आराध्या, बेटा शोभित (10), बेटी राधिका (6) के सिर से मां का साया उठ गया।

शव गांव में पहुंचे तो परिवार में मच गया कोहराम

शुक्रवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद रघुवीर, उसकी पत्नी ज्योति व दोनों बच्चों के शव पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। परिजन दहाड़े मारकर बिलख पड़े। उन्हें ग्रामीणों ने किसी तरह संभाला। सूरज डूबने से पहले दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि बच्चों के शवों को दफन किया गया।

टूट रहे नियम, यातायात पुलिस चालान में व्यस्त

शाहजहांपुर। शहर में कदम-कदम पर वाहनों की चेकिंग कर चालान करने वाली यातायात पुलिस हाईवे पर कोई कार्रवाई नहीं करती। इस वजह से हादसे हो रहे हैं। शहर में सफर करना काफी दुश्वारियों भरा है। गड्ढों के कारण लोगों का निकलना मुश्किल है। दूसरी ओर हर तिराहे व चौराहे पर यातायात पुलिस रोक लेती है। ट्रैफिक पुलिस का शिकार अधिकतर ग्रामीण इलाके से आने वाले बनते हैं, जबकि पुलिस हाईवे पर कार्रवाई करने से कतराती है। जहां पर बेधड़क तीन सवारी या ओवरस्पीड वाहन चलते हुए मिल जाएंगे।

गाड़ी खराब होने से बाइक से आ रहे थे

मृतक रघुवीर के चाचा स्वदेश सिंह ने बताया कि कार खराब होने के कारण रघुवीर का परिवार व जूली और उसकी बेटी बाइक पर सवार हो गए थे। बरेली मोड़ से उन्हें दूसरी सवारी पर बैठाकर रवाना करना था। उन्होंने मांग की है कि हादसा करने वाले वाहन को पकड़ा जाए।

दिलावरपुर के पास हुए हादसे में प्रथमदृष्टया प्रतीत हुआ है कि झपकी आने से बाइकउ सवार ने किसी बड़े वाहन में पीछे से टक्कर मारी है। मौके पर किसी वाहन की लाइट का टुकड़ा भी पड़ा मिला है। अपील है कि यातायात के नियमों का पालन अवश्य करें, हेलमेट लगाकर चलें।

– एस.आनंद, एसपी

जिले में सड़क हादसे में हुई जनहानि की सूचना अत्यंत दु:खद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगतों की आत्माओं को सद्गति प्रदान करें। पीड़ितों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।

– सुरेश खन्ना, वित्त मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

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