Shahjahanpur News: सर्पदंश के बाद परिजन कराते रहे झाड़-फूंक, चली गई बच्चे की जान

शाहजहांपुर में जानकारी देते मृतक के पिता राकेश कुमा। संवाद
शाहजहांपुर। खेत में धान की पौध की रखवाली करते समय मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव सहजनपुर निवासी राकेश के 12 वर्षीय पुत्र अमन के गले में सांप ने डस लिया। परिजन उसे लेकर झाड़-फूंक कराने चले गए। जब असर न हुआ तो झाड़-फूंक करने वाले ने बच्चे को मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा। देरी हो जाने से राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई।
खेतीबाड़ी करने वाले राकेश कुमार के घर के नजदीक उनका खेत है। खेत में रोपने के लिए धान की पौध मंगलवार को खरीदी थी। रात में राकेश स्वयं पौध की रखवाली करते रहे। इसके बाद उनका 12 वर्षीय पुत्र अमन खेत पर आया तो उसे चारपाई पर लिटाकर राकेश घर खाना खाने चले गए। रात करीब डेढ़ बजे वह वापस पहुंचे तो अमन शोर मचा रहा था। राकेश ने टार्च की रोशनी से देखा तो अमन के गले में सांप था। उन्होंने सांप को खींचकर दूर फेंकने का प्रयास किया। इसी बीच सांप ने अमन की गर्दन में डस लिया।
परिजन देसी उपचार कराने के लिए उसे मीरानपुर कटरा स्थित सलेमपुर गांव लेकर पहुंचे। वहां करीब 45 मिनट में देसी दवा पिलाने के साथ ही उसे नहलाया गया। फिर भी उसकी हालत नहीं सुधरी। तब झाड़-फूंक करने वाले ने उसे डॉक्टर को दिखाने की बात कही। इसके बाद परिजन उसे लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। उसकी मौत से मां मुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। अमन चार भाई व दो बहनों में चौथे नंबर का था।
सीधे मेडिकल कॉलेज ले जाते तो बच जाती अमन की जान
सांप के डसने के बाद अमन को परिजन सीधे राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर जाते तो उसकी जान बच सकती थी। सहजनपुर से करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर सलेमपुर में देसी उपचार कराने को परिजन ले गए। वहां 45 मिनट रुकने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज तक की दूरी तय की। इतने समय में जहर उसके पूरे शरीर में फैल गया।
अंधविश्वास की घटनाएं
1. 18 अगस्त 2022 को जैतीपुर के गांव मरुआझाला गांव में पूर्व प्रधान को सांप ने डस लिया था। दो दिन तक देसी इलाज कराने के बाद 20 अगस्त को उनकी मौत हो गई।
2. 12 जुलाई 2022 को पुवायां के गांव गंगसरा में एक ढाबा संचालक को सांप ने डस लिया। परिजन बंडा में झाड़फूंक कराते रहे। बाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई। मौत के बाद भी उसकी झाड़फूंक कराते रहे।
3. 12 जून 2022 को निगोही के मोहरतला गांव में सांप काटने के बाद परिजन युवक की झाड़फूंक कराते रहे। बाद में मृत्यु होने पर कई दिन तक गोबर में दबाकर रखा। फिर अंतिम संस्कार किया।
4. 17 अगस्त 2022 को मिर्जापुर के थरिया गांव में 17 अगस्त सुबह छह बजे बुजुर्ग को सांप ने डस लिया। पूरा दिन झाड़फूंक कराने के बाद अगले दिन फर्रुखाबाद के अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
22 अगस्त 2022 कटरा थाना क्षेत्र के गांव पौकी निवासी रामरतन (42) को सांप ने डस लिया। उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल नहीं ले गए, बल्कि झाड़-फूंक कराते रहे। सुबह उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
ये बरतें सावधानी
-सांप के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें।
-तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर इलाज कराएं।
-सांप काटने पर घबराना नहीं है। घबराने से दिल का दौरा पड़ने की आशंका रहती है।
-जिस अंग पर सांप डसे, उसे चलाएं नहीं, स्थिर कर दें।
-वहां पर चीरा न लगाएं, पुराने जमाने के नुस्खे नुकसानदायक हो सकते हैं।
– 20 प्रतिशत सांप जहरीले होते हैं। इसमें कोबरा, क्रत और पिटवाइपर सांप जहरीले होते हैं।
– 80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने के कारण झाड़-फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।
– डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज

शाहजहांपुर में जानकारी देते मृतक के पिता राकेश कुमा। संवाद