Shahjahanpur News: नवजात की मौत के बाद सीएचसी प्रभारी ने बंद कराया निजी अस्पताल
खुटार। नवजात की मौत और प्रसूता को छुट्टी न देने के मामले में बृहस्पतिवार को हुए हंगामे के बाद सीएचसी प्रभारी शुक्रवार को निजी अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने छानबीन करते हुए निजी अस्पताल को बंद करा दिया है। जांच में स्टाफ कोई कागजात भी नहीं दिखा सका।
गांव मोहनपुर निवासी शांति देवी ने 26 अगस्त को अपनी बहू डॉली देवी को प्रसव पीड़ा होने पर खुटार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई थी। प्रसूता को छह दिन बाद भी छुट्टी न देने पर परिजन ने हंगामा किया था। इसके बाद डॉली देवी को छुट्टी दे दी गई थी। अमर उजाला ने एक सितंबर के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर प्रकाशित होने के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार निजी अस्पताल पहुंचे और अस्पताल में मौजूद स्टाफ से पंजीकरण और अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कोई कागजात नहीं दिखा सका। जांच में क्लीनिक में गांव लुकटाह निवासी मनोरमा देवी भर्ती मिलीं। इसके अलावा डस्टबिन में इंजेक्शन के खाली एंपुल, सिरिंज, ग्लूकोज की खाली बोतलें पड़ी मिलीं। गंदगी भी पाई गई। इसके बाद प्रभारी ने अस्पताल को बंद करा दिया।
खुटार के सीएचसी प्रभारी को निजी अस्पताल की जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल गलत तरीके से संचालित किया जा रहा है तो सीज किया जाएगा।
– डॉ. आरके गौतम, सीएमओ शाहजहांपुर