Shahjahanpur News: बंद ईंट भट्ठे के नाम पर दस लाख का भुगतान लेने वाला गिरफ्तार
पुवायां। सरकारी धन का फर्जी भुगतान करने के मामले में सीडीओ के आदेश पर अप्रैल में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मामले में पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सिंधौली क्षेत्र में बंद पड़े एक ईंट भट्ठे के नाम फर्जी खोले गए दो बैंक खाता खुलवाकर पुवायां ब्लाॅक की लगभग 13 ग्राम पंचायतों से 15वें वित्त आयोग और पांचवे राज्य वित्त आयोग की मद से वर्ष 2021-22 और 2022-23 में दस लाख से अधिक भुगतान किया गया था। दर्शाया गया था कि ग्राम पंचायत के लिए ईंट खरीदने के बाद भुगतान किया गया है। मामला सीडीओ एसबी सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने पुवायां के बीडीओ को पत्र जारी कर किस ग्राम पंचायत से कितना भुगतान किया गया है, इसके प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत अधिकारियों से 21 अप्रैल तक डीडीओ के पास जमा कराने को कहा था।
जांच के बाद 28 अप्रैल को ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया था कि जिस स्थान पर भट्ठा बताया गया है, वहां प्लाटिंग का काम हो रहा है। ईंट भट्ठे के नाम और अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
पुलिस ने रविवार को पुवायां के ब्रजेश कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया। जिन बैंक खातों में सरकारी राशि ट्रांसफर की गई है, वह ब्रजेश कुमार के नाम हैं। उधर ब्रजेश कुमार ने बताया कि उनको फंसाया गया है। उनकी कोई गलती नहीं है। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि सरकारी राशि दो बैंक खातों में भेजी गई है। दूसरे खाते की जांच चल रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ब्रजेश कुमार को कोर्ट से जेल भेज दिया गया है।
प्रधानों और सचिवों पर नहीं हुई कार्रवाई
जब ईंट भट्ठा ही नहीं था तो जाहिर है कि सरकारी धन का जानबूझकर दुरुपयोग किया गया था। बिना ईंट लिए भुगतान करने के मामले में फर्म के नाम रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन भुगतान करने वाले सचिवों और प्रधानों पर कार्रवाई नहीं होने से तमाम सवाल उठ रहे हैं।
बंडा की ग्राम पंचायत की नहीं हुई जांच
बंडा की ग्राम पंचायत आलमपुर पिपरिया, भगवंतनगर फत्तेपुर उवरिया, बिलंदपुर सुंदरपुर, बिराहिमपुर झंझरिया से भी वर्ष 2023 में भारत ब्रिक फील्ड के नाम 152691 रुपयों का भुगतान किया गया है। अभी बंडा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।