Shahjahanpur News: रेलवे स्टेशन पर कुत्ते-बंदरों का खौफ, भिखारी रोक लेते हैं रास्ता

शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर घूमता श्वान
शाहजहांपुर। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर आठ माह की बच्ची को फेंककर हत्या किए जाने के बाद भी व्यवस्था में जरा-भी परिवर्तन नहीं आया है। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर न होने से बिना चेकिंग ही यात्रियों को प्रवेश दिया जाता है। कुत्ते और बंदरों के साथ मानसिक मंदित और भीख मांगने वाले भी यात्रियों का रास्ता रोक लेते हैं।
शुक्रवार की दोपहर डेढ़ बजे सियालदाह एक्सप्रेस के आने पर कई यात्रियों ने मुख्य गेट से प्रवेश किया। उनके पास बड़े बैग थे। उनका सामान चेक करने या यात्रियों की तलाशी लेने वाला काेई नहीं था। सभी बिना रोक-टोक प्रवेश कर रहे थे। महिला वेटिंग रूम के सामने ही भीख मांगने वाला आराम से सो रहा था। इसी तरह ओवरब्रिज की सीढि़यों, वेटिंग रूम में भी भिक्षावृत्ति करने वाले डेरा जमाए हुए मिले। प्लेटफार्म नंबर एक पर मानसिक मंदित यात्रियों को तंग करते हैं। इसी तरह सेकेंड क्लास वेटिंग रूम या आउटडोर स्टेशन मास्टर के कक्ष तक में लोग बिना रोक-टोक जाते हैं। नियम के अनुसार, वेटिंग रूम में सिर्फ रिजर्वेशन कराने वाले यात्री ही बैठ सकते हैं। वहीं अक्सर रेलवे स्टेशन पर बंदरों का झुंड यात्रियों का सामान लेकर भाग जाता है। मुसाफिरों पर हमला करने की घटनाएं भी आए दिन होती रहती हैं। इसी तरह रेलवे स्टेशन पर बंदर, सांड़ आदि टहलते रहते हैं। इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सुरक्षा के लिहाज से रात 12 बजे खोखे बंद करने के निर्देश
बच्ची की हत्या के बाद जीआरपी ने स्टेशन के गेट पर लगने वाले खोखों को रात 12 बजे बंद करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को फोर्स के साथ पहुंचे जीआरपी इंस्पेक्टर रेहान अली ने सभी विक्रेताओं को ऐसा रोजाना करने को कहा है। उनकी चेतावनी का दुकानदारों ने विरोध करते हुए एरिया सिविल के क्षेत्र का बताया। इंस्पेक्टर ने बताया कि खोखों पर कई अराजकतत्व बैठते हैं। सुरक्षा के लिहाज से ऐसा किया गया।

शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर घूमता श्वान

शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर घूमता श्वान