Shahjahanpur News: सीएचसी में नहीं मिल रहा इलाज, मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भरमार

राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर में एक वेड पर इलाज के लिए लेटे दो मरीज। संवाद
– सीएचसी से बुखार, पेट दर्ज और डायरिया के मरीजों को भी किया जा रहा रेफर
– मेडिकल कॉलेज में बेड फुल, एक बेड पर हो रहा दो-दो मरीजों का इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार और डायरिया का इलाज भी नहीं मिल रहा है। मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा रहा है। यही वजह है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भरमार है। ट्राॅमा सेंटर में एक बेड पर दो मरीजों को लिटाया जा रहा है।
ट्राॅमा सेंटर में रोजाना 30 से 40 मरीज सीएचसी से रेफर होकर आते हैं। इनमें अधिकतर बुखार, डायरिया और पेट से संबंधित बीमारियों से पीड़ित होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सीएचसी पर ऐसे मरीजों के इलाज के लिए दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहे रोजाना 140 से 160 मरीज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना 140 से 160 मरीज भर्ती हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में करीब 300 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। इतने मरीज रोजाना आने की वजह से स्थिति बहुत खराब हो जाती है। मरीजों को ट्राॅमा सेंटर में लिटाकर वार्ड में बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। बेड फुल होने पर मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाया जाता है। बेड के लिए तीमारदार दिनभर अस्पताल में चक्कर काटते रहते हैं। एक बेड खाली होने पर कई लोग खड़े हो जाते हैं। बेड को लेकर सिफारिश तक लगानी पड़ती है।
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1800 से 2000 मरीजों की हो रही रोजाना ओपीडी
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1800 से 2000 मरीजों की ओपीडी हो रही है। सबसे अधिक मरीज फिजिशियन के केबिन के बाहर लाइन लगाकर खड़े नजर आते हैं। डॉक्टर को भीड़ को संभालने के लिए एक अलग से कर्मचारी लगाना पड़ता है। कई घंटों तक मरीजों की लाइन लगी रहती है।
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गंभीर मरीजों को सीएचसी से राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाता है। बाकी मरीजों के सीएचसी पर इलाज होने की सुविधा है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
– डॉ. आरके गौतम, सीएमओ

राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर में एक वेड पर इलाज के लिए लेटे दो मरीज। संवाद