Shahjahanpur News: बैडमिंटन के लिए नहीं मिला कोच, हॉकी को मिली एक जनपद-एक खेल में स्वीकृति

शाहजहांपुर में हथौड़ा स्टेडियम में हॉकी खेलते खिलाड़ी। स्रोत-स्टेडियम
शाहजहांपुर। भारत सरकार की खेलो इंडिया के तहत एक जनपद-एक खेल योजना में शामिल बैडमिंटन के लिए काफी कोशिश के बाद भी कोच नहीं मिल सका है। इसे देखते हुए खेल विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजकर खेल में बदलाव कर दिया गया। योजना में हॉकी को शामिल करते हुए कोच के लिए आवेदन मांगे गए हैं। कोच मिलने के बाद खिलाड़ियों का शिविर कराकर प्रशिक्षण शुरू कराएंगे।
वर्ष 2022 में खेलो इंडिया के तहत एक जनपद-एक खेल में तत्कालीन जिला खेल अधिकारी जितेंद्र भगत ने बैडमिंटन को शामिल करते हुए प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने बैडमिंटन कोच के लिए विज्ञापन निकाला था। काफी प्रयास के बाद भी उनकी तलाश पूरी नहीं हो सकी। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद एसपी बमनिया ने कमान संभाली। बैडमिंटन के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए उन्हें भी कोच नहीं मिला तब उन्होंने बैडमिंटन के बजाय हॉकी को योजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव में बदलाव कराया। नई कार्ययोजना में बैडमिंटन के स्थान पर हॉकी रखकर डीएम के माध्यम से फाइल भेजी गई। इसे निदेशालय से स्वीकृति मिल गई है। जिला खेल अधिकारी एसपी बमनिया ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता वाली समिति ने कोच के लिए आवेदन मांगे हैं। साक्षात्कार के बाद नियुक्ति दी जाएगी।
25 हजार रुपये मिलेगा मानदेय
-एक जिला एक खेल योजना में खेल विभाग को सालाना पांच लाख रुपये का बजट मिलेगा। इसमें डेढ़ लाख रुपये में हॉकी खेल का सामान और मरम्मत पर खर्च कर सकते हैं। कोच को 25 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
खिलाड़ियों के कॅरिअर का रास्ता खुलेगा
-वर्तमान में हथौड़ा स्टेडियम में 80 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। उन्हें मुजाहिद अली प्रशिक्षित करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के होने के चलते उन्हें अकेले संभालने में दिक्कत आती है। योजना में हाॅकी शामिल होने से एक अतिरिक्त कोच मिल जाएगा। उसके बाद दो कोच के जरिये बेहतर तरीके से खिलाड़ियाें को प्रशिक्षण मिल सकेगा। इससे वह जिला स्तर पर ट्रॉयल देकर उच्च स्तर पर जाकर खेल के जरिये कॅरिअर को बना सकते हैं।
-एक जिला-एक खेल योजना में बैडमिंटन के बजाय हॉकी की स्वीकृति मिल गई। जल्द ही कोच की नियुक्ति होने के बाद खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिल सकेगा।
एसपी बमनिया, जिला खेल अधिकारी।