Shahjahanpur News: गोआश्रय स्थल में गाय मरी, शव को नोंच ले गए जानवर
गोआश्रय स्थल में दस दिन में दूसरी गाय की मौत, अधिकारी नहीं ले रहे संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। देखरेख के अभाव में गोआश्रय स्थलों का बुरा हाल है। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र की ग्राम पंचायत रूपापुर के चकरैना में बने गोआश्रय स्थल का आया है, जहां दो दिन पहले मरे गोवंश को दफनाया नहीं गया। ऐसे में उसके शव का काफी हिस्सा सियार और कुत्ते नोंच ले गए। ग्रामीणों के अनुसार यहां दस दिन में दूसरी गाय मरी है।
बीते साल इस गोआश्रय स्थल में मृत गाय के शव को कुत्ते के नोंचे लेजाने की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने संज्ञान लिया था। तब कुछ समय व्यवस्था दुरुस्त रहीं, लेकिन अब एक बार फिर यहां स्थिति खराब हो गई है। मौजूदा समय में यहां कुल 42 गोवंश हैं। जिन्हें खिलाने के लिए हरा चारा भी नहीं है।
यहां सूखा भूसा खाने से गाय कमजोर होकर बीमार हो गईं हैं और देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहीं हैं। गोपालक फकीरे ने बताया कि 10 दिन पहले जो गाय मरी वह बीमार थी। सुबह उसे दफना दिया गया, लेकिन बाद में दूसरी गाय की मौत होने पर उसके शव को नहीं दफनाया गया। ऐसे में उसके शव का काफी हिस्सा कुत्ते और सियार नोंच ले गए।
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एक एकड़ जमीन पर चारे के लिए नहीं बोई जाती फसल
गोआश्रय स्थल के परिसर में एक एकड़ से ज्यादा जमीन है। यह जमीन जानवरों के हरे चारे की व्यवस्था के लिए उपलब्ध कराई गई है। लेकिन फसल नहीं बोई जाती। मौजूदा समय में जमीन पर जंगली घास खड़ी है। यदि हरे चारे को बोने की व्यवस्था कराई जाए, तो जानवरों को सूखे भूसे से पेट नहीं भरना पड़ेगा।
गोआश्रय स्थल का किया जा रहा विस्तार
गोआश्रय स्थल की क्षमता बढ़ाकर यहां और जानवरों को रखने के लिए पिछले हिस्से में एक और टिन शेड डलवाया जा रहा है। साथ ही भूसा रखने के लिए भी पक्का निर्माण कराया जा रहा है। यहां 42 जानवरों की देखरेख के लिए केवल दो लोग है, जिनमें फकीरे और उसकी पत्नी सुशीला देवी शामिल हैं। जबकि जानवरों की संख्या चार दर्जन है। फकीरे ने बताया कि पिछले तीन महीनों से मानदेय नहीं मिला है। प्रधान और सचिव कोई सुनवाई नहीं कर रहे।
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गोआश्रय स्थल में गाय के मरने और जानवरों के उसके शव से मांस नोचे लेजाने के संबंध में जानकारी नहीं है। बीडीओ को मामले की जांच के निर्देश दिए जाएंगे। यहां व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।
– रविंद्र कुमार, एसडीएम, जलालाबाद

