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Shahjahanpur News: झाड़फूंक के सहारे महिला के जिंदा हो उठने की आस में घर में रखा 36 घंटे शव

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Body kept in house for 36 hours in hope of resurrection of woman with the help of exorcism

गांव मानपुर की हरजिंदर कौर का फाइल फोटो

खुटार। सांप के डसने के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने झाड़ फूंक के सहारे महिला के जिंदा हो उठने की आस में शव को 36 तक घर में ही रोके रखा। शनिवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गांव मानपुर निवासी पेस्टीसाइड व्यापारी हरवंश सिंह चंदी की पत्नी हरजिंदर कौर (42) 13 जुलाई की रात कमरे में कुछ सामान लेने गईं थीं। इस दौरान उन्हें सांप ने डस लिया। हरजिंदर कौर के शोर मचाने पर परिजनों को जानकारी हुई तो हरजिंदर कौर को खुटार सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में हरजिंदर कौर को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां भी डॉक्टर ने हरजिंदर कौर को मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद परिजन शव को घर ले आए। जानकारी पाकर हरवंश सिंह के घर लोगों की भीड़ लग गई। किसी ने झाड़ फूंक करने वाले बैगिया के सर्पदंश वाले लोगों का जहर उतारने की बात कही तो परिजनों ने शव को जीवित होने की आस में घर में ही फ्रीजर में रख दिया। जनपद लखीमपुर से और आसपास के बैगिया बुलाकर झाड़ फूंक कराई गई। बाद में बैगिया लोगों ने भी हार मान ली और लौट गए। इसके बाद शनिवार की सुबह करीब 36 घंटे बाद हरजिंदर कौर का अंतिम संस्कार किया गया।

इलाज के बजाय झाड़ फूंक को तरजीह देने पर अक्सर चली जाती है जान

गांवों में कई लोग अब भी सर्पदंश पर इलाज कराने की अपेक्षा झाड़ फूंक को ही तरजीह देते हैं। खुटार के गांव रामपुर कलां के पास, बंडा सुनासिर क्षेत्र में कुछ लोग झाड़ फूंक से सांप का जहर उतारने की बात भी कहते हैं। बारिश के चलते सांप बिलों से निकलकर ऊंचाई वाले स्थानों पर छिप जाते हैं, इस कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

वहम में न पड़ें, तुरंत लगवाएं एंटी स्नैक वैक्सीन

सूर्या हॉस्पिटल खुटार के प्रबंधक डॉ. प्रदीप शुक्ला का कहना है कि जहरीले सांप के डसने से डसने वाली जगह पर दर्द, अकड़न, एलर्जी, जलन, लाल होना, त्वचा के रंग में बदलाव, दस्त, बुखार, पेट दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, प्यास लगना, लो बीपी आदि होने लगता है। उन्होंने कहा कि सांप के डसने पर झाड़ फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें, नहीं तो मरीज की जान जा सकती है। सांप के डसने पर तबीयत बिगड़ने का इंतजार न करें, बल्कि इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए मरीज को अस्पताल ले जाएं। जहां सांप ने काटा है उस स्थान को बिल्कुल न हिलाएं, ब्लीडिंग होने पर खून को बहने दें, खून रोकने के लिए बीटाडीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और जितना संभव हो व्यक्ति को स्थिर रखें। घाव को ढीली और साफ पट्टी से कवर करें। सांप के डसने के समय का ध्यान रखें।

झाड़फूंक के सहारे महिला के जिंदा हो उठने की आस में घर में रखा 36 घंटे शव

– गांव मानपुर निवासी हरजिंदर कौर को 13 जुलाई की रात सांप ने था डसा, शनिवार को किया अंतिम संस्कार

संवाद न्यूज एजेंसी

खुटार। सांप के डसने के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने झाड़ फूंक के सहारे महिला के जिंदा हो उठने की आस में शव को 36 तक घर में ही रोके रखा। शनिवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गांव मानपुर निवासी पेस्टीसाइड व्यापारी हरवंश सिंह चंदी की पत्नी हरजिंदर कौर (42) 13 जुलाई की रात कमरे में कुछ सामान लेने गईं थीं। इस दौरान उन्हें सांप ने डस लिया। हरजिंदर कौर के शोर मचाने पर परिजनों को जानकारी हुई तो हरजिंदर कौर को खुटार सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में हरजिंदर कौर को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां भी डॉक्टर ने हरजिंदर कौर को मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद परिजन शव को घर ले आए। जानकारी पाकर हरवंश सिंह के घर लोगों की भीड़ लग गई। किसी ने झाड़ फूंक करने वाले बैगिया के सर्पदंश वाले लोगों का जहर उतारने की बात कही तो परिजनों ने शव को जीवित होने की आस में घर में ही फ्रीजर में रख दिया। जनपद लखीमपुर से और आसपास के बैगिया बुलाकर झाड़ फूंक कराई गई। बाद में बैगिया लोगों ने भी हार मान ली और लौट गए। इसके बाद शनिवार की सुबह करीब 36 घंटे बाद हरजिंदर कौर का अंतिम संस्कार किया गया।

इलाज के बजाय झाड़ फूंक को तरजीह देने पर अक्सर चली जाती है जान

गांवों में कई लोग अब भी सर्पदंश पर इलाज कराने की अपेक्षा झाड़ फूंक को ही तरजीह देते हैं। खुटार के गांव रामपुर कलां के पास, बंडा सुनासिर क्षेत्र में कुछ लोग झाड़ फूंक से सांप का जहर उतारने की बात भी कहते हैं। बारिश के चलते सांप बिलों से निकलकर ऊंचाई वाले स्थानों पर छिप जाते हैं, इस कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

वहम में न पड़ें, तुरंत लगवाएं एंटी स्नैक वैक्सीन

सूर्या हॉस्पिटल खुटार के प्रबंधक डॉ. प्रदीप शुक्ला का कहना है कि जहरीले सांप के डसने से डसने वाली जगह पर दर्द, अकड़न, एलर्जी, जलन, लाल होना, त्वचा के रंग में बदलाव, दस्त, बुखार, पेट दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, प्यास लगना, लो बीपी आदि होने लगता है। उन्होंने कहा कि सांप के डसने पर झाड़ फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें, नहीं तो मरीज की जान जा सकती है। सांप के डसने पर तबीयत बिगड़ने का इंतजार न करें, बल्कि इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए मरीज को अस्पताल ले जाएं। जहां सांप ने काटा है उस स्थान को बिल्कुल न हिलाएं, ब्लीडिंग होने पर खून को बहने दें, खून रोकने के लिए बीटाडीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और जितना संभव हो व्यक्ति को स्थिर रखें। घाव को ढीली और साफ पट्टी से कवर करें। सांप के डसने के समय का ध्यान रखें।


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