Shahjahanpur News: रामगंगा का जलस्तर घटने से भू कटान तेज, फैल रहा संक्रमण

मिर्जापुर के गांव कुंडरी आश्रम में बाढ़ घटने के बाद भू कटाव करती रामगंगा नदी।बाढ़ पीड़ित
मिर्जापुर। रामगंगा की बाढ़ घटते ही तटवर्ती ग्राम कुंडरी आश्रम, अतरी निजामपुर, माधौपुर, धिरोला, कीलापुर आदि गांवों में भू कटान तेज गति से हो रहा है। वहीं गंगा के बाढ़ क्षेत्र में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। ग्राम मस्जिद नगला, पैलानी में दर्जनों बुखार के रोगी निजी डॉक्टरों की क्लीनिक और घरों पर इलाज करा रहे हैं।
मस्जिद नगला के शेरुद्दीन ने बताया कि गांव के इजराइल की पत्नी शबनम को कई दिन से बुखार आ रहा है। सोमवार को उसे शमशाबाद में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की। रामगंगा क्षेत्र में ग्राम कुंडरी आश्रम निवासी शिक्षक कुलदीप शुक्ला ने बताया कि गांव के भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा, राजीव मिश्रा, बाबूराम मिश्रा के खेत बाजरा, उर्द, तिल, मूंगफली आदि की लहलहाती फसलों सहित कृषि भूमि नदी में समा रही है। बाबूराम और कुलदीप शुक्ला की लगभग दस बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। इसी तरह कीलापुर, माधौपुर, छत्तरपुर, धिरोला, चौंराबगरखेत, ककोड़ा, नथी नगला, अतरी आदि गांवों की कृषि भूमि नदी में कट रही है। ग्राम मौजमपुर में नदी उत्तरी किनारे की कृषि भूमि को निगल रही है।
कोलाघाट पुल के समीप ग्राम बीघापुर पश्चिमी में बाढ़ के पानी का आना तो कम हो गया है, लेकिन गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीण पानी से निकलकर रोड पर आ-जा रहे हैं। वहीं बीघापुर पूर्वी को जाने वाले रास्ते में अंधुईया नाले में पानी कम हो रहा है। फिर भी ग्रामीण नाव से ही गांव आ-जा रहे हैं। गंगा के बाढ़ क्षेत्र में चल रहा बुखार कम नहीं हो रहा है।
ग्राम मस्जिद नगला के हमशाद की पत्नी शबाना, जुबेरा, नसरीन और स्वालिया (सगी बहनें), नाजिया और खुद उसे कई दिन से बुखार आ रहा है। बाढ़ में सब कुछ बर्बाद हो जाने के बाद गांव के अधिकांश युवा मेहनत मजदूरी करने दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, पंजाब चले गए हैं। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि कुछ दिन तो सरकारी डॉक्टर बाढ़ क्षेत्र में रोगियों का इलाज करने आए, अब उन्होंने भी आना बंद कर दिया है। इससे रोगी भगवान भरोसे बुखार से जूझ रहे हैं।
समीपवर्ती ग्राम पैलानी उत्तर में भी हर घर में एक दो रोगी बुखार में पड़े हुए हैं। गांव के पिंटू की पत्नी संतोषी को कई दिन से बुखार आ रहा है। उनके घर में ही ड्रिप लग रही है। पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ घटने के बाद रामगंगा के खादर क्षेत्र में भी गंगा के क्षेत्र की तरह संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ेगा। स्वास्थ्य विभाग को अभी से रामगंगा के बाढ़ क्षेत्र में संक्रामक रोगों की रोकथाम के प्रयास शुरू कर देना चाहिए।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, रामगंगा का घटा
प्रभारी अधिकारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को गंगा का जलस्तर 142.20 था, जो कि सोमवार को बढ़कर 142.38 गेज हो गया है। रामगंगा का जलस्तर रविवार को 160.700 था, जोकि सोमवार को घटकर 160.34 गेज हो गया है। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर भी घटा है। गंगा नदी नरौरा बैराज से सोमवार को 38,393 क्यूसेक पानी और रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 14,803 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ क्षेत्र में फसलों को नुकसान हो रहा है उसका आंकलन कराया जाएगा। संक्रमण रोगों के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें शिविर लगा रहीं हैं। राजस्व कर्मचारी बाढ़ क्षेत्र की निगरानी में लगे हुए हैं।
– डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

मिर्जापुर के गांव कुंडरी आश्रम में बाढ़ घटने के बाद भू कटाव करती रामगंगा नदी।बाढ़ पीड़ित

मिर्जापुर के गांव कुंडरी आश्रम में बाढ़ घटने के बाद भू कटाव करती रामगंगा नदी।बाढ़ पीड़ित