Shahjahanpur News: पिता को संतान के रक्षार्थ रखना चाहिए शिव प्रदोष व्रत

कथावाचक गौरदास महाराज से आर्शीवाद लेते पीसीएस वरुण राठौर व उनकी पत्नी एडीजे नंदिता सिंह
शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक में कथावाचक ने भिक्षु अवतार का प्रसंग सुनाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। आदर्श दिव्यांग कल्याण संस्थान की ओर से आयोजित शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक में कथावाचक ने भिक्षु अवतार का प्रसंग सुनाया। इससे पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पीसीएस वरुण राठौर व उनकी पत्नी एडीजे नंदिता सिंह, जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने गद्दी का पूजन किया।
कथावाचक गौरदास महाराज ने कहा कि राजा सत्यरथ का वध होने के बाद उनकी पत्नी ने जंगल में एक बालक को जन्म दिया। लेकिन रानी को पूर्व के पापों की वजह से बाघ ने खा लिया। भगवान शिव ने उनके पुत्र की रक्षा का बीड़ा उठाया तथा सुति नाम की एक ब्राह्मणी की गोद में बालक दे दिया।
उसने बालक का पालन-पोषण किया। भोलेनाथ ने उसका विवाह गंधर्वराज की कन्या से कराकर पुनः विदर्भ देश का राजा बना दिया। कथावाचक ने बताया कि राजा सत्यरथ शिव प्रदोष व्रत रखने में निपुण थे। जो यह व्रत करता है, भगवान शिव उनकी संतान की रक्षा करते हैं। बोले कि पिता को अपनी संतान के रक्षार्थ शिव प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए।
कथा के दौरान हरिशरण वाजपेयी, सीमा वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, दीपक शर्मा, विश्व मोहन वाजपेयी, सीमा वाजपेयी, रिचा वाजपेयी, अभिषेक वाजपेयी, मुनेश्वर सिंह, मछिला सिंह, सतीश वर्मा, रेनू मिश्रा आदि मौजूद रहे।