Shahjahanpur News: बुवाई के लिए खेत तैयार, खाद का हाहाकार

खाद की खबर में,रामसेवक। संवाद
शाहजहांपुर/पुवायां। जिले में खाद का हाहाकार मचा हुआ है। रबी फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार हैं लेकिन किसानों को केंद्रों से डीएपी नहीं मिल पा रही है। जबकि, प्रशासन सभी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने का दावा कर रहा है।
पुवायां में गेहूं की बुवाई के समय हर बार की तरह इस बार भी इफको क्रय केंद्रों पर डीएपी गायब है। सिर्फ एनपीके और यूरिया मिल रही है। जबकि, गेहूं और आलू की बुवाई में किसान डीएपी को ही प्रमुखता देते हैं। बुवाई सीजन में हर वर्ष डीएपी गायब हो जाती है। खुटार में भी एनपीके की 271 बोरी और यूरिया की 2071 बोरी उपलब्ध हैं।
पुवायां में इफको केंद्र के प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि केंद्र पर यूरिया के दो हजार बोरी उपलब्ध हैं। डीएपी सोमवार को 850 बोरी आई थी जो उसी दिन खत्म हो गई। मंगलवार को 800 बोरी आई जो दोपहर तक ही खत्म हो गई। एनपीके उपलब्ध नहीं है। पोटाश की 300 बोरी उपलब्ध हैं। संवाद
कई दिनों से डीएपी लेने के लिए चक्कर काट रहे किसान परेशान हो रहे हैं। कई किसान दिनभर लाइन में लगे रहने के बावजूद बगैर खाद के ही घर लौट रहे हैं। इससे बुवाई में देर हो रही है। गांव धर्मंगदापुर निवासी गुरजीत सिंह ने बताया कि कई दिनों से केंद्र के चक्कर काट रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं, महोलिया वीरान निवासी रामदास ने बताया कि दो दिन से एक केंद्र पर डीएपी के लिए लाइन में लगे हैं। फिर भी खाद नहीं मिल पाई है। वहीं गांव टिकरी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि गेहूं की बुवाई के लिए खेत सूख रहा है। केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि डीएपी रोजाना बांटी जा रही है। भीड़ ज्यादा होने के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। डीएपी की कोई कमी नहीं है।
धान की कटाई के बाद किसान इस समय गेहूं और सरसों की फसल की तैयारी कर रहे हैं। जैतीपुर, गढ़ियारंगीन सहित नवादा मोड़, खेड़ा बझेड़ा, शंकरपुर, रसेवन में भी बाजार है। यहां भी डीएपी न मिलने के चलते किसानों की बुवाई नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि खाद के दुकानदारों ने स्टॉक कर लिया है। ओवररेट पर खाद बेची जा रही है।
साधन सहकारी समिति दहेलिया में खाद एवं बीज के वितरण के दौरान इतनी भीड़ एकत्र हो गई कि मारामारी मच गई। इसके बाद सचिव विष्णु कुमार कनौजिया ने थाने में सूचना दी। सिपाहियों के आने के बाद किसानों को लाइन में खड़ा कर खाद का वितरण किया गया। कुछ किसानों ने तय मूल्य से अधिक रुपये लिए जाने की भी शिकायत की। सचिव ने बताया कि तय मूल्य पर ही किसानों को खाद दी जा रही है। कुछ किसान मानक से अधिक खाद-बीज की मांग कर रहे थे। इस वजह से अव्यवस्था हुई।

खाद की खबर में,रामसेवक। संवाद

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