शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: चार साल में 100 बेड का अस्पताल नहीं बना पाई फर्म, अनुबंध निरस्त

Connect News 24

शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे 100 बेड के अस्पताल निर्माण में लापरवाही करने वाले ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने ठेकेदार से अभी तक कराए निर्माण की पैमाइश कराने के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि जल्द ही दूसरे ठेकेदार को कार्य देकर निर्माण को गति दी जाएगी।

2016 में सपा शासन में राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव रखने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जिगनेरा आए थे। उस समय राजकीय मेडिकल कॉलेज और सौ बेड के अस्पताल के लिए 193 करोड़ रुपये का बजट तय हुआ था। मेडिकल कॉलेज के भवन को बनाकर हैंडओवर कर दिया गया। सौ बेड के अस्पताल को 2018 में बनाकर अधिकारियों की सुपुर्दगी में देना था। इसका निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने अनिल कुमार एंड संस को दिया था। पांच मंजिल इमारत बनाने में काफी लापरवाही की गई। निर्माण कार्य को देखने के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद, प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल व नरेंद्र कश्यप ने कई बार निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में लापरवाही पर नाराजगी भी जताई थी। बेड डालने के लिए भवन के अभाव के चलते प्राचार्य ने शासन में लगातार पत्राचार किया। जिसके बाद निर्माण निगम ने ठेकेदार अनिल कुमार एंड कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। उसकी जगह पर दूसरे ठेकेदार को कार्य देकर निर्माण में गति लाई जाएगी।

पैमाइश के बाद होगा ठेकेदार का भुगतान : 100 बेड का अस्पताल बनाने वाले ठेकेदार अनिल कुमार एंड संस का अनुबंध समाप्त होने के बाद निर्माण की पैमाइश कराई जाएगी। पैमाइश के बाद ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा। यदि भुगतान के एवज में काम कम मिला तो ठेकेदार से रिकवरी की जाएगी।

भवन तैयार नहीं, मंत्री-विधायकों की नाराजगी सहन कर रहे अफसर: मलेरिया-डेंगू और वायरल बुखार के प्रकोप के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड को लेकर मारा-मारी मची है। बेड के लिए जगह नहीं मिलने के कारण मरीज बेहाल हैं। उनका स्ट्रेचर पर उपचार चल रहा है। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार जगह नहीं होने की बात कहते हैं। इसके चलते उन्हें मंत्री विधायकों व अफसरों की नाराजगी सहन करना पड़ रही थी। ठेकेदार द्वारा कार्य नहीं करने की बैठकों में कई बार उन्होंने शिकायत की थी, जिसके बाद संज्ञान लिया गया।

2021 से डेढ़ फ्लोर ही पड़ सका, दो महीने से काम बंद: 2018 में बनकर तैयार होने वाला 100 बेड का अस्पताल काफी धीमी गति से चल रहा। 2021 के बाद से डेढ़ फ्लोर ही पूर्ण हो सका। अभी तक कुल साढ़े तीन फ्लोर ही पड़ सकें हैं। वर्तमान में दो महीने से काम बंद पड़ा है। इसके बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

सरकार ने नहीं बढ़ाया बजट: राजकीय मेडिकल कॉलेज और सौ बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए 193 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इस बजट में सौ बेड अस्पताल भी बनना था। 2016 के बाद कोई अतिरिक्त बजट स्वीकृति नहीं हुआ। उस समय के ईंट, सरिया, रेता और बजरी के दाम और अब के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह भी निर्माण कार्य धीमा हाेने की एक वजह हो सकती है।

उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर पीके जैन ने बताया कि ठेकेदार ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसलिए उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया। उसके द्वारा किए काम की पैमाइश कराकर भुगतान किया जाएगा।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button