Shahjahanpur News: बारिश होने क्रय केंद्रों बाहर पड़े धान में आई नमी, खेतों में आंधी से नुकसान

रोजा मंडी में बारिश की वजह नम हुआ धान क्रय केंद्र के बाहर पड़ा। संवाद
शाहजहांपुर। रोजा मंडी समिति में सोमवार को हुई बारिश होने पर धान क्रय केंद्रों के बाहर पड़ा धान के ढेर को कर्मचारियों ने ढक लिया, लेकिन इसके बाद भी धान नम हो गया। मंडी अधिकारियों के मुताबिक कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। बारिश के दौरान केंद्रों के बाहर खुले में पड़े धान में नमी आ गई है। आंधी और बारिश से खेत में लगे धान का प्रशासन की ओर से सर्वे कराकर नुकसान के आंकलन कराया जा रहा है।
रोजा मंडी में वर्तमान में 25 धान क्रय केंद्र हैं। सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई। क्रय केंद्रों के बाहर तौल के लिए धान पड़ा हुआ था। कर्मचारियों ने धान पर तिरपाल डालकर भीगने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी धान में भीगने से फिर से नमी आ गई है। अधिकारियों मुताबिक बारिश हल्की होने की वजह से नुकसान न के बराबर हुआ है। जलालाबाद, पुवायां और तिलहर मंडी से भी धान भीगने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
खेत में खड़ी धान की फसल को नुकसान : कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के प्रभारी कृषि वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि आंधी की वजह से धान जमीन में गिर गया है। जिससे धान हल्का पड़ जाएगा। धान का वजन कम हो जाएगा। बारिश अगर और अधिक होती है तो धान के सड़ने की संभावना बढ़ जाएगी।
प्रशासन नुकसान के आंकलन का करा रहा सर्वे: प्रशासन की टीमों को नुकसान के आंकलन सर्वे के लिए तहसील स्तर पर टीमाें को लगाया गया है। जिन क्षेत्रों में अभी धान नहीं कटा है। जिन क्षेत्रों में अभी धान नहीं कटा है वहां टीमें नुकसान का सर्वे कर रहीं है। सर्वे के बाद ही नुकसान का आंकलन हो सकेगा।
एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में 70 से 80 प्रतिशत धान की कटाई हो चुकी है। जो धान बचा है उसके नुकसान के सर्वे के लिए तहसील स्तर पर टीमें लगाई गई हैं। सर्वे के बाद ही नुकसान का आंकलन लग सकेगा।